विकसित देशों का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत से छह गुना अधिक: मोदी

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विकसित देशों का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत से छह गुना अधिक: मोदी

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  • Publish Date - September 19, 2026 / 12:44 PM IST,
    Updated On - September 19, 2026 / 12:44 PM IST

नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कार्बन उत्सर्जन के लिए अक्सर विकासशील देशों को अनुचित तरीके से जिम्मेदार ठहराया जाता है जबकि सच्चाई यह है कि विकसित देशों का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत की तुलना में छह गुना अधिक है।

प्रधानमंत्री ने यहां पर्यावरण और जलवायु पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि जब भी वह परमाणु ऊर्जा उत्पादन से जुड़े कार्य को आगे बढ़ाएंगे तो हमेशा पर्यावरण की बात करने वाले लोग इसे रोकने के लिए अदालत पहुंच जाएंगे।

इस सम्मेलन में पर्यावरण विशेषज्ञ, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, विधि विशेषज्ञ और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

मोदी ने दो दिवसीय सम्मेलन में कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि कार्बन उत्सर्जन की जिम्मेदारी अक्सर गलत तरीके से विकासशील देशों पर डाल दी जाती है जबकि ऐतिहासिक सच्चाई यह है कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन आज भी वैश्विक औसत के आधे से भी कम है।’’

मोदी ने कहा कि विकसित देशों का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत की तुलना में छह गुना अधिक है और भारत इस तथ्य को वैश्विक मंचों पर मजबूती से रखता है।

उन्होंने कहा, ‘‘और मैं हर भारतीय से कहूंगा कि आप भी इस बात को मजबूती से कहिए।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बाकी दुनिया के साथ मिलकर काम कर रहा है और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और वह जी-20 का एकमात्र ऐसा देश है जिसने पेरिस में आयोजित जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी-21) में जताई गई अपनी प्रतिबद्धताओं को तय समय से काफी पहले पूरा कर लिया है।

मोदी ने कहा, ‘‘यही नए भारत की ताकत है। गैर-जीवाश्म ईंधन, सौर ऊर्जा क्षमता, कार्बन उत्सर्जन पर रोक… ऐसे सभी मानकों पर भारत के प्रदर्शन की दुनिया भर में चर्चा हो रही है।’’

भाषा

सिम्मी रंजन

रंजन