होर्मुज जलडमरूमध्य से इतर तेल ढांचा परियोजनाओं के लिए सऊदी अरब, यूएई से बातचीत कर रही ईआईएल

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होर्मुज जलडमरूमध्य से इतर तेल ढांचा परियोजनाओं के लिए सऊदी अरब, यूएई से बातचीत कर रही ईआईएल

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  • Publish Date - September 19, 2026 / 02:13 PM IST,
    Updated On - September 19, 2026 / 02:13 PM IST

नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर खाड़ी देशों की निर्भरता कम करने और अन्य विकल्प तलाशने के मकसद से सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ तेल एवं गैस से जुड़ी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए शुरुआती स्तर पर बातचीत कर रही है।

ईरान संघर्ष के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।

ईआईएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अतुल गुप्ता ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सऊदी अरब और यूएई वैकल्पिक मार्गों से कच्चे तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए करीब एक अरब डॉलर के निवेश की योजना बना रहे हैं। इसके तहत पाइपलाइन, भंडारण सुविधाएं, तेल टर्मिनल और अन्य संबंधित अवसंरचना विकसित की जा सकेगी।

गुप्ता ने कहा, ‘‘वे अभी योजना बनाने के चरण में हैं और हम भी इसी स्तर पर उनसे बातचीत कर रहे हैं।’’

ईआईएल इन परियोजनाओं के लिए परियोजना परामर्श और व्यवहार्यता अध्ययन से जुड़े काम हासिल करने की कोशिश कर रही है।

ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह मार्ग दुनिया के प्रमुख ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल है। लंबे समय तक किसी तरह की बाधा की आशंका के बीच खाड़ी के तेल उत्पादक देश वैकल्पिक अवसंरचना और निर्यात मार्ग विकसित करने पर विचार कर रहे हैं।

गुप्ता ने कहा कि संघर्ष के बाद क्षेत्र से नए ठेके मिलने की रफ्तार फिलहाल धीमी हुई है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि तीसरी और चौथी तिमाही में ठेके मिलने की गति बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों ने कंपनी के लिए नए अवसर भी पैदा किए हैं।

ईआईएल के लिए पश्चिम एशिया में ऑर्डर में आई सुस्ती महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी के विकास में अंतरराष्ट्रीय कारोबार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक में विदेशी परियोजनाओं की हिस्सेदारी करीब 43 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को मिले नए कारोबार में अंतरराष्ट्रीय परामर्श सेवाओं का योगदान करीब 4,929 करोड़ रुपये, यानी लगभग 62 प्रतिशत रहा।

ईआईएल की पश्चिम एशिया में मजबूत मौजूदगी है। कंपनी सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कुवैत में विभिन्न परियोजनाओं और कारोबारी गतिविधियों से जुड़ी है। उसने सऊदी अरब में अपना कार्यालय भी खोला है।

भाषा यासिर पाण्डेय

पाण्डेय