पेट्रोलियम मंत्रालय की इकाई को पेट्रोल, इथेनॉल से जुड़े आंकड़े साझा करने का निर्देश

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पेट्रोलियम मंत्रालय की इकाई को पेट्रोल, इथेनॉल से जुड़े आंकड़े साझा करने का निर्देश

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 06:31 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 06:31 PM IST

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पेट्रोलियम मंत्रालय की योजना इकाई पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) को पेट्रोल उत्पादन और आयात, इथेनॉल खरीद एवं मिश्रण तथा पेट्रोलियम क्षेत्र के मुनाफे से संबंधित ऐतिहासिक आंकड़े सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है।

यह निर्देश एक आरटीआई आवेदक को सूचना उपलब्ध कराने के लिए दिया गया, क्योंकि आयोग ने पाया कि पीपीएसी ने केवल ‘आंशिक सूचना’ उपलब्ध करायी।

सूचना आयुक्त खुशवंत सिंह सेठी ने पीपीएसी को इथेनॉल मिश्रण संबंधी अधिसूचनाओं के लिए वेब लिंक उपलब्ध कराने, इथेनॉल आपूर्तिकर्ताओं से संबंधित सवाल को संबंधित लोक प्राधिकरण को हस्तांतरित करने और कंपनी-वार पेट्रोल आपूर्तिकर्ताओं की जानकारी के अनुरोध का जवाब देते समय आरटीआई अधिनियम के तहत उचित छूट का उल्लेख करने का भी निर्देश दिया।

आरटीआई आवेदन में भारत के पेट्रोल और इथेनॉल कार्यक्रम से संबंधित छह प्रकार की सूचनाएं मांगी गई थीं। इनमें ईंधन उत्पादन और आयात, इथेनॉल मिश्रण मानदंड, इथेनॉल की खरीद और खपत, आपूर्तिकर्ताओं का विवरण तथा पेट्रोल बिक्री से होने वाला मुनाफा शामिल था।

आयोग ने कहा कि ‘प्रतिवादी ने अपीलकर्ता को आंशिक सूचना उपलब्ध कराई है’ और विभिन्न बिंदुओं पर संशोधित जवाब देने का निर्देश दिया।

पहले सवाल में वर्ष 2014-15 से पेट्रोल की खरीद, आयात और भारत में उत्पादन का सालाना विवरण, पेट्रोल पर वार्षिक खर्च तथा स्रोत-वार विवरण मांगा गया था।

पीपीएसी ने जवाब दिया था कि आयात, निर्यात, उत्पादन और राज्य-वार आंकड़े उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, लेकिन कंपनी संबंधी विवरण ‘वाणिज्यिक और गोपनीय प्रकृति’ के हैं तथा आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(डी) और 8(1)(ई) के तहत छूट प्राप्त हैं।

सुनवाई के दौरान आवेदक ने कहा कि वह ‘‘मांगी गई जानकारी वेबसाइट पर नहीं ढूंढ पाया।’’

आयोग ने पीपीएसी को निर्देश दिया कि वह ‘‘वेबसाइट पर उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़ों सहित मांगी गई सूचना की सॉफ्ट कॉपी आवेदक के ई-मेल पर भेजे।’’

दूसरे सवाल में आवेदक ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के लिए निर्धारित वर्ष-वार मानदंड, दिशानिर्देश और आधिकारिक अधिसूचनाओं की जानकारी मांगी थी।

पीपीएसी ने जवाब दिया कि इथेनॉल मिश्रण का नियमन राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति, 2018 के तहत होता है और यह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। प्रतिवादी ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि संबंधित अधिसूचनाएं मंत्रालय के पास उपलब्ध हैं और सार्वजनिक हैं।

आयोग ने पीपीएसी को संबंधित अधिसूचनाओं और आदेशों के लिए ‘‘विशिष्ट वेबसाइट लिंक उपलब्ध कराने’’ का निर्देश दिया।

तीसरे सवाल में मिश्रण के लिए खरीदे गए और खपत किए गए इथेनॉल का वर्ष-वार विवरण तथा खरीद और खपत के बीच किसी भी अंतर के कारणों की जानकारी मांगी गई थी।

पीपीएसी ने कहा कि उसकी मासिक ‘स्नैपशॉट ऑफ इंडिया’ज ऑयल एंड गैस’ रिपोर्ट की तालिका-14 में ‘सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (पीएसयू ओएमसी) द्वारा प्राप्त और मिश्रित इथेनॉल तथा मिश्रण प्रतिशत’ से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।

आयोग ने प्राधिकरण को उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़े अपीलकर्ता को ई-मेल के माध्यम से भेजने का निर्देश दिया।

चौथे सवाल में इथेनॉल आपूर्ति श्रृंखला से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। इसमें आवेदक ने तेल विपणन कंपनियों को इथेनॉल की आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं की वर्ष-वार सूची, आपूर्ति की गई मात्रा, प्रतिशत हिस्सेदारी और अनुबंधों या खरीद आर्डर की प्रतियां मांगी थीं।

पीपीएसी ने जवाब दिया कि उसके पास ‘ओएमसी को इथेनॉल की आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं की सूची से संबंधित कोई सूचना उपलब्ध नहीं है।’

आयोग ने प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह इस बिंदु को ‘‘संबंधित लोक प्राधिकरण के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) को हस्तांतरित करे,’’ जो मांगी गई सूचना का संरक्षक है।

पांचवें सवाल में आवेदक ने पेट्रोल आपूर्तिकर्ताओं का कंपनी-वार विवरण, आपूर्ति की गई मात्रा, कुल आपूर्ति में उनके योगदान और आपूर्ति समझौतों की प्रतियां मांगी थीं।

पीपीएसी ने यह जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि कंपनी-वार उत्पादन, आयात और निर्यात का विवरण व्यावसायिक एवं गोपनीय प्रकृति का है तथा आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(डी) और 8(1)(ई) के तहत छूट प्राप्त है।

आयोग ने पीपीएसी को निर्देश दिया कि वह ‘‘आरटीआई अधिनियम, 2005 के तहत संबंधित छूट का उल्लेख करते हुए नया जवाब जारी करे।’’

छठे सवाल में पेट्रोल बिक्री से होने वाले वार्षिक मुनाफे, लाभ मार्जिन और उसकी गणना के लिए अपनाई गई प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई थी।

पीपीएसी ने जवाब दिया कि पेट्रोलियम उत्पादों पर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा वसूले जाने वाले करों का विवरण उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध है।

आयोग ने पीपीएसी को इस सवाल से संबंधित उपलब्ध ऐतिहासिक जानकारी अपीलकर्ता को ई-मेल के माध्यम से भेजने का निर्देश दिया।

भाषा अमित नरेश

नरेश