भारतीय भेषज संहिता आयोग ने उत्तर प्रदेश प्रमोट फार्मा काउंसिल के साथ करार किया

भारतीय भेषज संहिता आयोग ने उत्तर प्रदेश प्रमोट फार्मा काउंसिल के साथ करार किया

भारतीय भेषज संहिता आयोग ने उत्तर प्रदेश प्रमोट फार्मा काउंसिल के साथ करार किया
Modified Date: July 15, 2026 / 01:59 pm IST
Published Date: July 15, 2026 1:59 pm IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) भारतीय भेषज संहिता आयोग ने दवा और चिकित्सा उपकरण निर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता मानकों, विनियामक नियमावलियों का पालन और नवोन्मेष को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश प्रमोट फार्मा काउंसिल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस एमओयू पर 14 जुलाई को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित ‘यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा)मेडटेक इन्वेस्टर्स मीट और साइट विजिट 2026’ के दौरान हस्ताक्षर किये गए।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक इस साझेदारी का उद्देश्य दवा और चिकित्सा उपकरण निर्माण पारिस्थितिकी में गुणवत्ता मानकों, विनियामक उत्कृष्टता, नवोन्मेष और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है।

बयान के मुताबिक इस करार के तहत, दोनों संगठन दवा और चिकित्सा उपकरण निर्माण उद्योग में गुणवत्ता मानकों और विनियामकीय नियमों के पालन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। साथ ही, वे भारत में दवाओं, उनके दुष्प्रभाव और उनकी सुरक्षा के बारे में जागरूकता भी बढ़ाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस साझेदारी में अनुसंधान, नवोन्मेष और औद्योगिक शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के अलावा, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशाला और हितधाराकों के बीच जागरूकता पहल आयोजित करने की भी योजना है।

बयान के मुताबिक यह एमओयू सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को विपरीत घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए डिजिटल टूल उपलब्ध कराकर मदद करेगा और गुणवत्ता व बाजार उपरांत निगरानी पहलों के जरिए मरीजों की सुरक्षा को बेहतर बनाएगा।

इसमें कहा गया है कि यह सहयोग स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाने, नवोन्मेष को बढ़ावा देने और भारत के नियामकीय ढांचे को मजबूत करने के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, यह उत्तर प्रदेश को दवा, चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकी के एक बड़े केंद्र के तौर पर विकसित करने में भी योगदान देता है।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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