चंडीगढ़, एक अप्रैल (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक हरविंदर सिंह फूलका के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने पर कटाक्ष करते हुए बुधवार को कहा कि जो निर्वाचित व्यक्ति अपने मतदाताओं को बीच में ही छोड़ देता है, वह फिर कभी चुनाव नहीं जीत सकता।
उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ वकील फूलका को 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए जाना जाता है।
वह बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। मान ने इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं सिर्फ उन्हें बधाई ही दे सकता हूं।’’
मान ने इस घटनाक्रम पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “अगर जनता द्वारा चुना गया कोई भी निर्वाचित व्यक्ति बीच में ही उन्हें छोड़ देता है, तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। मैंने कभी किसी ऐसे व्यक्ति को दोबारा चुनाव जीतते नहीं देखा। फूलका साहब को शुभकामनाएं।”
राज्य में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले फूलका का आम आदमी पार्टी छोड़ना भाजपा के लिए एक बड़ी सफलता है क्योंकि राज्य में विपक्षी दल सिख नेताओं से लगातार संपर्क साध रही है।
वरिष्ठ अधिवक्ता 2014 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे और पांच साल बाद 2019 में इससे अलग हो गए थे।
फूलका ने बुधवार को राजधानी में एक सभा को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी से अपने जुड़ाव को “गलती” बताया।
उन्होंने भाजपा में शामिल होने के बाद कहा, “2014 में मुझे लगा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों के गुस्से को देखते हुए ‘आप’ पार्टी देश को बदलने आई है। लेकिन अंदर जाकर मुझे एहसास हुआ कि हालात अलग थे। उनसे जुड़ना एक गलती थी।”
‘आप’ पार्टी में रहते हुए फूलका ने 2014 में लुधियाना संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा था हालांकि, उन्हें कांग्रेस पार्टी के रवनीत सिंह बिट्टू ने हरा दिया था।
बिट्टू, अब भाजपा में हैं और केंद्रीय मंत्री हैं।
फूलका ने 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में ढाका सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार मनप्रीत सिंह अयाली को 4,000 से अधिक वोटों से हराया था।
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश