गर्भ को समाप्त करने की याचिका: न्यायालय ने चिकित्सा बोर्ड से महिला की स्थिति का आकलन करने को कहा

Ads

गर्भ को समाप्त करने की याचिका: न्यायालय ने चिकित्सा बोर्ड से महिला की स्थिति का आकलन करने को कहा

  •  
  • Publish Date - October 5, 2023 / 09:21 PM IST,
    Updated On - October 5, 2023 / 09:21 PM IST

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नयी दिल्ली से उस महिला की चिकित्सा स्थिति का आकलन करने के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने को कहा, जो 24 सप्ताह से अधिक की गर्भवती है और इसे समाप्त करने की अनुमति मांग रही है।

महिला शादीशुदा है और उसके पहले से ही दो बच्चे हैं। महिला ने चिकित्सा आधार का हवाला देते हुए अपनी गर्भावस्था को समाप्त करने की मंजूरी के लिए शीर्ष अदालत का रुख किया है, जिसमें यह भी शामिल है कि वह प्रसवोत्तर अवसाद से पीड़ित है।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की पीठ ने दिल्ली की महिला को शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने को कहा।

न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई नौ अक्टूबर को तय की है।

सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से सवाल किया कि उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय जाने के बजाय सीधे शीर्ष अदालत का दरवाजा क्यों खटखटाया।

वकील ने कहा कि महिला को अपनी गर्भावस्था के बारे में देर से पता चला और अब वह गर्भावस्था के 25वें सप्ताह में है।

गर्भावस्था का चिकित्सीय समापन (एमटीपी) अधिनियम के तहत, गर्भावस्था को समाप्त करने की अधिकतम सीमा विवाहित महिलाओं, बलात्कार पीड़ित महिलाओं सहित विशेष श्रेणियों और दिव्यांग तथा नाबालिगों जैसी अन्य कमजोर महिलाओं के लिए 24 सप्ताह है।

भाषा प्रशांत माधव

माधव