प्रधानमंत्री ने सरकारी सचिवों से बातचीत की; विभिन्न सुधारों पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री ने सरकारी सचिवों से बातचीत की; विभिन्न सुधारों पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री ने सरकारी सचिवों से बातचीत की; विभिन्न सुधारों पर हुई चर्चा
Modified Date: June 30, 2026 / 09:50 pm IST
Published Date: June 30, 2026 9:50 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सरकारी सचिवों से बातचीत की और व्यापार को आसान बनाने एवं जीवन-यापन में सुगमता के लिए नियमों में ढील देने तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर चर्चा की।

अधिकारियों ने बताया कि बातचीत के दौरान, सचिवों ने दो मुख्य विषयों के अनुरूप अपने-अपने मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए जा रहे अहम कदमों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि चर्चा दो मुख्य विषयों पर केंद्रित थी — पहला, ‘कारोबार को आसान बनाने के लिए नियमों में ढील देना और अन्य सुधार’ तथा दूसरा, ‘आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना’।

सचिवों ने प्रधानमंत्री की दृष्टि को ठोस नतीजों में तब्दील करने के लिए की जा रही कोशिशों को रेखांकित किया। उन्होंने क्षेत्र-विशिष्ट चुनौतियों पर चर्चा की और शासन व सेवा प्रदान करने को बेहतर बनाने के लिए भविष्य की रणनीतियों की रूपरेखा भी साझा की।

मोदी ने विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग व समन्वय का दृष्टिकोण अपनाने तथा विभागीय रूढ़ियों को तोड़ने पर जोर दिया।

उन्होंने समेकित नियोजन और समन्वय के महत्व पर जोर देते हुए, विभागों के बीच तालमेल और सही जानकारी के आधार पर फैसले लेने के लिए ‘पीएम गतिशक्ति’ को एक असरदार प्लेटफॉर्म के तौर पर अधिक इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सचिवों से कहा कि वे योजनाओं का लोगों के जीवन पर पड़ने वाले ठोस प्रभाव पर ध्यान दें।

सूत्रों के मुताबिक, सचिवों ने अपने-अपने मंत्रालयों के कामकाज और अलग-अलग सुधारों व लोगों के हित में उठाए गए अन्य कदमों में हुई प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए प्रस्तुतियां दीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जब देश अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा।

केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक के लगभग एक महीने बाद सचिवों की यह बैठक हुई। मंत्रिपरिषद की बैठक में मोदी ने कहा था कि सरकार को जीवन-यापन को सुगम करने, कारोबार को आसान बनाने और युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश


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