कोयंबटूर (तमिलनाडु), 10 जनवरी (भाषा) नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि प्रौद्योगिकी के माध्यम से सामाजिक चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।
बेरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने शोध परिणामों को ‘राष्ट्रीय प्राथमिकताओं’ और ‘जन कल्याण’ के साथ संरेखित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
बेरी नौ जनवरी को यहां नीति आयोग द्वारा आयोजित और अमृता विश्व विद्यापीठम और तमिलनाडु राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से संचालित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला ‘नवाचार को सतत बनाना: राज्य संस्थानों में अनुसंधान और विकास को समाहित करना’ को संबोधित कर रहे थे।
शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति में बेरी के हवाले से कहा गया है, ‘‘अमृता विश्व विद्यापीठम में किया गया शोध आम लोगों द्वारा सामना की जाने वाली वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के समाधान पर गहराई से आधारित है। प्रधानमंत्री का दृढ़ विश्वास है कि आज की अनेक सामाजिक चुनौतियों का समाधान केवल प्रौद्योगिकी के विचारपूर्वक और उद्देश्यपूर्ण इस्तेमाल से ही संभव है।’’
इस कार्यशाला में नीति निर्माता, वैज्ञानिक और शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधि एक साथ आये। चर्चा का मुख्य उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और दीर्घकालिक विकास परिणामों को समर्थन देने के लिए राज्य संस्थानों के भीतर अनुसंधान और विकास को शामिल करना था।
तमिलनाडु राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद के सदस्य सचिव एस. विंसेंट ने कहा कि भारत में पेटेंट दाखिल करने की संख्या में राज्य अग्रणी है, जहां सालाना लगभग 5,000 से 6,000 आवेदन दाखिल किये जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अमृता विश्व विद्यापीठम इस उपलब्धि में एक प्रमुख योगदानकर्ता है।’’
भाषा
देवेंद्र नरेश
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