बीजिंग। अपने चार साल के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चौथी बार चीन के दौरे पर पहुंचे हैं। पीएम मोदी के चीन पहुंचने पर वुहान एयरपोर्ट पर चीन विदेश मंत्रालय के असिस्टेंट मिनिस्टर कॉग जुआंगयू और हुबेई के वाइस गवर्नर टॉग डाओचा ने उन्हें रिसीव किया। चीन के शहर वुहान में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात होगी। मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच भारत-चीन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। खास बात ये है कि इस बैठक में न कोई समझौता होगा और न ही कोई साझा बयान जारी किया जाएगा।
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चीन रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि मैं चीन के वुहान की यात्रा पर जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी और मैं द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के विविध विषयों पर व्यापक चर्चा करेंगे। मोदी-जिनपिंग के बीच 4 साल में 6 बार मुलाकात हो चुकी हैं, पिछले साल डोकलाम में युद्ध के शुरुआती दौर तक पहुंच जाने वाले भारत-चीन के संबंधों में आए इस बदलाव से दोनों देशों के बीच एक नई शुरुआत की बयार बहती दिखाई दे रही है।
डोकलाम विवाद से भारत-चीन संबंधों में आए ठहराव को दूर करने की उम्मीद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज चीन के वुहान में मिलेंगे और रिश्तों में नई जान फूंकने की पहल करेंगे। जिनपिंग के न्योते पर ही मोदी, डोकलाम विवाद के बाद पहली बार चीन पहुंचे हैं। खबर तो यह भी है कि इस दौरे को अनौपचारिक सिर्फ इसलिए घोषित किया गया ताकि ब्रीफिंग की बाध्यता से बचा जा सके। इसी के साथ ऐसे और भी मुद्दे है जिन पर मोदी-जिनपिंग की बातचीत हो सकती है।
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वैसे तो मोदी-जिनपिंग की बैठक के लिए किसी एजेंडा का एलान नहीं किया गया है लेकिन डोकलाम, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति, चीन के वन बेल्ट वन रोड पॉलिसी, भारत को एनएसजी की सदस्यता, उद्योग-व्यापार और भारत में चीनी निवेश पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।
वेब डेस्क, IBC24