प्रधानमंत्री ‘भयंकर दबाव’ में हैं, इसलिए अमेरिका के साथ किया व्यापार समझौता: राहुल

प्रधानमंत्री ‘भयंकर दबाव’ में हैं, इसलिए अमेरिका के साथ किया व्यापार समझौता: राहुल

प्रधानमंत्री ‘भयंकर दबाव’ में हैं, इसलिए अमेरिका के साथ किया व्यापार समझौता: राहुल
Modified Date: February 3, 2026 / 05:37 pm IST
Published Date: February 3, 2026 5:37 pm IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘भयंकर दबाव’’ में हैं, इसलिए उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किया है।

उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री ने इस समझौते के माध्यम से किसानों और देश को ‘‘बेच दिया है’’ तथा इस बात से डरे हुए हैं कि उनकी ‘‘छवि का गुब्बारा’’ कहीं फूट न जाए।

भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं जिसके तहत वाशिंगटन भारतीय उत्पादों पर शुल्क को कुल 50 प्रतिशत से कम करके 18 प्रतिशत करेगा।

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी घबराए हुए हैं। जो व्यापार समझौता चार महीने से रुका हुआ था, उसमें कुछ बदला नहीं और कल शाम उस पर हस्ताक्षर कर दिया गया। इसके पीछे क्या कराण है, वो मैं जानता हूं और नरेन्द्र मोदी जानते हैं।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘मोदी जी पर भयंकर दबाव है। उनकी छवि का जो गुब्बारा है, जिसे हजारों करोड़ रुपए खर्च कर बनाया गया था, वो फूट सकता है। असल में समस्या (पूर्व सेना प्रमुख एम एम) नरवणे जी का बयान नहीं है, ये तो ‘साइड शो’ है। बड़ी बात यह है कि भारत के प्रधानमंत्री ‘कंप्रोमाइज्ड’ हो चुके हैं।’’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘हिंदुस्तान के किसानों को यह समझना चाहिए कि इस समझौते में आपकी मेहनत और खून-पसीने को नरेन्द्र मोदी जी ने बेच दिया है क्योंकि वह कंप्रोमाइज्ड हैं। उन्होंने सिर्फ आपको नहीं, देश को बेच दिया है।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री मोदी डरे हुए हैं, क्योंकि जिन लोगों ने उनकी छवि बनाई है, वही लोग उनकी छवि (का गुब्बारा) फोड़ने में लगे हैं।’’

राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री पर दबाव के पीछे दो बाते हैं। पहला कारण एप्सटीन फाइल हैं। एप्सटीन फाइल में अभी बहुत सामग्री है, जिसे जारी नहीं किया गया है। इनमें जो है, उसे पूरा देश जानना चाहता है।’’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री के दबाव में आने का दूसरा कारण अमेरिका में उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ दर्ज मामला है।

उनका कहना था, ‘‘अमेरिका में अदाणी पर मामला है, लेकिन अमेरिका अदाणी को निशाना नहीं बना रहा है। यह निशाना नरेन्द्र मोदी के वित्तीय ढांचे पर है। जो अदाणी पर मामला है, वो दरअसल नरेन्द्र मोदी पर मामला है…देश समझ ले कि प्रधानमंत्री ‘कंप्रोमाइज्ड’ हैं।’’

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दे से ‘‘ध्यान भटकाने वाली हेडलाइन’’ बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्यापार समझौते की घोषणा का अनुरोध किया।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘देर रात अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा की जा रही है और यह प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर तुरंत प्रभाव से लागू हो रहा है। यह अनुरोध निश्चित रूप से ध्यान भटकाने वाली हेडलाइन बनाने के लिए किया गया था, क्योंकि सोमवार दोपहर लोकसभा में राहुल गांधी ने चीन के सामने उनकी कायरता और आत्मसमर्पण को बेनकाब कर दिया था।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘अगर प्रधानमंत्री मोदी सोचते हैं कि इस तरह वह विमर्श के रुख को मोड़ सकते हैं, तो वे पूरी तरह गलत हैं, क्योंकि न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ उनका विश्वासघात सामने आ चुका है, बल्कि भारत के किसान भी अब उनके दोहरे चरित्र और अपने हितों को बेचने की उनकी इच्छा को समझ रहे हैं।’’

भाषा हक

हक वैभव

वैभव


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