PM Modi Jhalmuri Video: पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाने के बाद भी पछता रहा दुकानदार! कर दी ये बड़ी गलती, जानें कौन है ये?

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PM Modi jhalmuri: पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाने के बाद भी पछता रहा दुकानदार! कर दी ये बड़ी गलती, जानें कौन है ये?

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 03:21 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 03:22 PM IST

PM Modi Jhalmuri Video | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • झारग्राम में पीएम मोदी ने सड़क किनारे झालमुड़ी का स्वाद लिया
  • दुकानदार विक्रम साह मूल रूप से बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं
  • घबराहट में विक्रम ऑटोग्राफ लेना भूल गए, जिसे वे अब जीवनभर का अफसोस मानते हैं

नई दिल्ली: PM Modi Jhalmuri Video रविवार को पीएम मोदी पश्चिम बंगाल में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान झारग्राम में व्यस्त रैलियों के बीच उनका काफिला अचानक रुका और सड़क किनारे एक साधारण सी झालमुड़ी की दुकान पर (PM Modi Jhalmuri) पहुंच गए। पीएम ने वहां न केवल झालमुड़ी का लुत्फ उठाया, बल्कि दुकानदार और वहां मौजूद महिलाओं के साथ काफी हंसी-मजाक भी किया।

‘प्याज खाता हूँ, लेकिन दिमाग नहीं’

PM Modi jhalmuri सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर साझा किए गए इस वीडियो में पीएम मोदी दुकानदार से झालमुड़ी का दाम पूछते नजर आ रहे हैं। जब दुकानदार ने बताया कि झालमुड़ी 10 और 20 रुपये की है, तो पीएम मोदी ने बड़े ही मजाकिया लहजे में कहा “ठीक है खिलाओ, प्याज डालना… प्याज खाता हूँ, लेकिन दिमाग नहीं!” उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद सभी लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे।

 कौन है झालमुड़ी वाला दुकानदार? (Who is the Jhalmuri seller?)

अब इस वीडियो के सोशल मीडिया पर लोग जानना चाहते हैं कि आखिर झालमुड़ी वाला दुकानदार कौन (Who is the Jhalmuri seller?) है? आपको बता दें कि झालमुड़ी वाला दुकानदार का नाम विक्रम साह (या विक्रम कुमार) है। वो मूल रूप से बिहार के गया जिले का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वो पिछले कई सालों से झारग्राम पर ही रह रहा है और अपनी इस छोटी सी दुकान से अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है। न्यूज एजेंसी से बातचीत में विक्रम ने बताया कि वह सिर्फ नौवीं तक पढ़ा है। आर्थिक तंगी के कारण आगे पढ़ाई नहीं कर सका। उसने कहा कि रोज करीब 1000 से 1200 रुपये की कमाई हो जाती है, उसी से घर चलता है। उसके परिवार में माता सुनीता देवी और पिता उत्तम साह हैं।

घबराहट में हुई ये गलती

विक्रम ने बताया कि जब पीएम मोदी उनके दुकान पर अचानक आए तो वो घबरा गए थे। उन्होंने बताया कि वे कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा भी दिन आएगा जब प्रधानमंत्री उनकी साधारण सी दुकान पर झालमुड़ी खाने आएंगे। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी से पैसे लेने से मना कर रहे थे लेकिन पीएम नहीं माने। सारा वक्त विक्रम इतने भावुक और घबराए हुए थे कि ऑटोग्राफ मांगने का ख्याल ही उनके दिमाग में नहीं आया। जब पीएम चले गए तब जाकर उन्हें एहसास हुआ कि काश उन्होंने एक साधारण सा पेन और कागज मांग लिया होता। अब वो बार-बार दोहरा रहे हैं कि घबराहट में ये गलती हो गई। विक्रम खुद मानते हैं कि ये अफसोस उन्हें पूरी जिंदगी रहेगा। जब भी वो अपनी दुकान पर झालमुड़ी बनाएंगे, तब ये याद ताजा हो जाएगी कि एक बार प्रधानमंत्री यहां खड़े थे और मैं साइन नहीं मांग सका।

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पीएम मोदी ने किस दुकान पर झालमुड़ी खाई?

झारग्राम में विक्रम साह की साधारण झालमुड़ी की दुकान पर।

विक्रम साह कहाँ के रहने वाले हैं?

वे मूल रूप से बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं।

विक्रम साह की रोज़ाना कितनी कमाई होती है?

लगभग 1000 से 1200 रुपये।