IMD Forecast for August Rainfall: सावन में किसानों पर संकट!.. खत्म हो जाएगा बारिश का दौर, फसलों पर असर!.. पढ़ें क्या है IMD का पूर्वानुमान

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भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगस्त और सितंबर के लिए सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के दूसरे चरण में वर्षा दीर्घकालिक औसत का 94 प्रतिशत रहने की संभावना है।

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  • Publish Date - July 31, 2026 / 07:29 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 07:30 PM IST

IMD Forecast for August Rainfall || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • अगस्त में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जारी।
  • खरीफ फसलों पर कम वर्षा का असर संभव।
  • जुलाई की अच्छी बारिश से बुआई में सुधार हुआ।

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को जारी अपने लोंगटर्म फोरकास्ट में कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के दूसरे चरण (अगस्त-सितंबर) में देशभर में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। (IMD Forecast for August Rainfall) मौसम विभाग के मुताबिक, इस अवधि में वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) का 94 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, अगस्त महीने में भी पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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Monsoon Rainfall Prediction: खरीफ फसलों पर पड़ सकता है असर

आईएमडी के मुताबिक़, अगस्त और सितंबर का समय खरीफ फसलों के लिए बेहद अहम होता है। इन महीनों में होने वाली बारिश से मिट्टी की नमी, जलाशयों का जलस्तर और फसलों की बढ़वार प्रभावित होती है। ऐसे में सामान्य से कम बारिश कृषि क्षेत्र पर असर डाल सकती है।

August Rainfall Update: जुलाई की बारिश से सुधरी बुआई

मानसून की शुरुआत कमजोर रहने के बावजूद जुलाई में हुई व्यापक बारिश से धान, सोयाबीन और कपास जैसी प्रमुख खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आई। (IMD Forecast for August Rainfall) कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई तक किसानों ने 7.87 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई की, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 8.26 करोड़ हेक्टेयर था। अब बुआई का अंतर घटकर 5 प्रतिशत से भी कम रह गया है।

IMD August Rainfall Forecast: जुलाई में सामान्य के करीब रही बारिश

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई तक देश में जुलाई के दौरान 270.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 271.9 मिमी है। मानसून की शुरुआत में जहां जून के अंत तक वर्षा की कमी लगभग 40 प्रतिशत थी, वहीं अब यह घटकर करीब 14 प्रतिशत रह गई है।

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Southwest Monsoon Outlook: कई क्षेत्रों में अब भी बारिश की कमी

हालांकि देशभर में बारिश की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन क्षेत्रीय असमानता बनी हुई है। मध्य भारत में जुलाई के दौरान 29 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 30 प्रतिशत कम तथा दक्षिण भारत में 28 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। (IMD Forecast for August Rainfall) मौसम विभाग के अनुसार, अब भी देश के 17 मौसम उपखंडों में सामान्य से कम बारिश की स्थिति बनी हुई है।

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मौसम विभाग ने अगस्त के लिए क्या पूर्वानुमान जारी किया है?

उत्तर: भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगस्त में देशभर में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

कम बारिश से किन क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है?

उत्तर: कम वर्षा का असर खरीफ फसलों, मिट्टी की नमी, जलाशयों के जलस्तर और कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है।

जुलाई में मानसून की स्थिति कैसी रही?

उत्तर: जुलाई में देशभर में लगभग सामान्य वर्षा दर्ज की गई, जिससे धान, सोयाबीन और कपास जैसी खरीफ फसलों की बुआई में उल्लेखनीय सुधार हुआ।