ईआरसीपी अपने आश्वासन को पूरा करने का अच्छा मौका गंवाया प्रधानमंत्री मोदी ने: गहलोत

ईआरसीपी अपने आश्वासन को पूरा करने का अच्छा मौका गंवाया प्रधानमंत्री मोदी ने: गहलोत

ईआरसीपी अपने आश्वासन को पूरा करने का अच्छा मौका गंवाया प्रधानमंत्री मोदी ने: गहलोत
Modified Date: February 12, 2023 / 09:42 pm IST
Published Date: February 12, 2023 9:42 pm IST

जयपुर, 12 दिसंबर (भाषा) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने के अपने आश्वासन को पूरा करने का अच्छा मौका रविवार को गंवा दिया।

उल्लेखनीय है कि मोदी ने रविवार को धनावड़ (दौसा) में जनसभा को संबोधित किया। इससे ठीक पहले एक कार्यक्रम में गहलोत ने मोदी से ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने का आग्रह किया था।

मोदी ने हालांकि अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान में पानी की चुनौती का समाधान केंद्र सरकार की प्राथमिकता में है और पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में भी पीने का पानी और सिंचाई सुविधा का विस्तार करने के लिए वह प्रतिबद्ध हैं।

मोदी ने कहा,‘‘पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना और पुरानी पार्वती काली सिंध चंबल लिंक को जोड़कर एक बड़ी परियोजना का प्रारूप तैयार किया गया है। इस प्रारूप को केन्द्र सरकार ने राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकारों के साथ साझा किया है। इस प्रस्ताव को नदियों से जुड़ी विशेष समिति ने प्राथमिकता प्राप्त परियोजना में शामिल किया है। जब दोनों राज्यों की सहमति हो जायेगी तो केन्द्र सरकार इसको आगे बढाने पर जरूर विचार करेगी।’’

गहलोत ने बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए ट्वीट किया,‘‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आपने आज अच्छा अवसर गंवा दिया। आप पिछले विधानसभा चुनाव से पहले किए गए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने के आश्वासन को पूरा करते तो प्रदेश की जनता स्वागत करती।’’

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी प्रधानमंत्री द्वारा ईआरसीपी को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं किये जाने पर निराशा जताई। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘पिछले 15 दिनों में प्रधानमंत्री दूसरी बार राजस्थान आए, मगर ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की दिशा में उन्होंने आज भी कोई कदम नहीं उठाया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ईआरसीपी 13 जिलों के लिए संजीवनी है और लाखों लोगों की समृद्धि का सवाल है। इसको राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने से बचना ठीक नहीं है।’’

भाषा कुंज पृथ्वी राजकुमार

राजकुमार


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