प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज़ के समक्ष अरिहा शाह का मुद्दा उठाया

प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज़ के समक्ष अरिहा शाह का मुद्दा उठाया

प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज़ के समक्ष अरिहा शाह का मुद्दा उठाया
Modified Date: January 12, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: January 12, 2026 10:32 pm IST

अहमदाबाद, 12 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के समक्ष भारतीय बच्ची अरिहा शाह का मुद्दा उठाया, जो चार साल से अधिक समय से बर्लिन में एक संरक्षण गृह में रह रही है।

जर्मन अधिकारियों ने 23 सितंबर, 2021 को यह आरोप लगाते हुए अरिहा को अपने संरक्षण में ले लिया था कि उसके माता-पिता उसे परेशान करते थे। उस समय वह सात महीने की थी।

केंद्र सरकार जर्मन अधिकारियों पर बच्ची को जल्द से जल्द लौटाने के लिए दबाव डाल रही है। केंद्र सरकार का तर्क है कि बच्ची के लिए अपने भाषाई, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक वातावरण में रहना महत्वपूर्ण है।

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एक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि अहमदाबाद में दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के दौरान मोदी ने यह मुद्दा उठाया था।

उन्होंने कहा, “यह एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है और हम इस पर जर्मन पक्ष के साथ लंबे समय से चर्चा करते आ रहे हैं — बर्लिन स्थित सरकार के साथ भी और नयी दिल्ली स्थित दूतावास के साथ भी।”

मिसरी ने कहा, “एक समय यह कानूनी मुद्दा था, अब हमें इसे मानवीय मुद्दे के रूप में देखना चाहिए। हम परिवार के दर्द और कठिनाइयों से अवगत हैं और हम हर तरह से उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।”

विदेश सचिव ने कहा कि फिलहाल मुख्य ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि अरिहा का पालन-पोषण भारतीय वातावरण में हो।

उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि बच्ची अरिहा का पालन-पोषण यथासंभव भारतीय वातावरण में हो, चाहे भारतीय लोगों के साथ बातचीत करना हो या जर्मनी में मनाए जा रहे भारतीय त्योहारों में भाग लेना हो।”

मिसरी ने कहा कि भारत इस मामले को जर्मन सरकार के साथ हर स्तर पर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, “हम जर्मन सरकार के साथ इस मामले पर बातचीत जारी रखेंगे और हमेशा पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहेंगे। हम इसे जर्मनी के साथ अपने समग्र संबंधों से अलग नहीं देखते, इसे अन्य मुद्दों के समान ही प्राथमिकता दी जाती है।”

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अपने जर्मन समकक्षों के समक्ष अरिहा का मुद्दा उठाया था।

अरिहा के माता-पिता सरकार से उसकी भारत वापसी सुनिश्चित करने की गुहार लगा रहे हैं। फिलहाल, माता-पिता को महीने में दो बार उससे मिलने की अनुमति है।

भाषा प्रशांत अविनाश

अविनाश


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