प्रधानमंत्री बताएं कि शिक्षा मंत्री प्रधान ‘अक्षमता’ के बावजूद पद पर क्यों बने हुए हैं: कांग्रेस

प्रधानमंत्री बताएं कि शिक्षा मंत्री प्रधान ‘अक्षमता’ के बावजूद पद पर क्यों बने हुए हैं: कांग्रेस

प्रधानमंत्री बताएं कि शिक्षा मंत्री प्रधान ‘अक्षमता’ के बावजूद पद पर क्यों बने हुए हैं: कांग्रेस
Modified Date: May 25, 2026 / 02:08 pm IST
Published Date: May 25, 2026 2:08 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) कांग्रेस ने सीबीएसई की 12वीं कक्षा की ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रणाली से जुड़ी ‘‘अनियमितताओं’’ को लेकर सोमवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जवाब देना होगा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अब तक पद पर क्यों बने हुए हैं, जबकि वह अपनी ‘‘अक्षमता’’ से खुले तौर पर छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि इस मूल्याकंन प्रणाली से लाखों बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अस्त-व्यस्त हो गया है।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सीबीएसई ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसम) प्रणाली लागू की, जिससे देशभर के लाखों बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अस्त-व्यस्त हो गया है। कक्षा 12वीं का उत्तीर्ण प्रतिशत अभूतपूर्व रूप से 3 प्रतिशत गिर गया है और पूरी प्रक्रिया अनियमितताओं से भरी रही है।’’

उनका कहना है कि धुंधली और अपठनीय उत्तर पुस्तिकाएं, गलत मूल्यांकन, छात्रों के साथ गलत उत्तर पुस्तिकाओं का जोड़ा जाना, भुगतान में देरी, और छात्रों से अत्यधिक पुनर्मूल्यांकन शुल्क की मांग जैसे मुद्दे खड़े हुए।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अब शिक्षा मंत्री, जो पूरी संस्थागत व्यवस्था के पतन की अगुवाई कर रहे हैं, इस त्रासदी के सामने आने के एक सप्ताह से अधिक समय बाद आखिरकार जागे हैं। वह अब आईआईटी- कानपुर को इन तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए शामिल कर खुद को किसी उद्धारकर्ता की तरह पेश कर रहे हैं।’’

रमेश ने सवाल किया, ‘‘इन समस्याओं का पहले अनुमान क्यों नहीं लगाया गया? ओएसएम प्रणाली को अपनाने से पहले सीबीएसई और मंत्रालय ने सावधानीपूर्वक योजना क्यों नहीं बनाई? इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने में मंत्री को इतना समय क्यों लगा?’’

उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा मंत्री प्रधान पर उनका इस्तीफा बकाया है और प्रधानमंत्री पर यह जवाब बकाया है कि आखिर इन मंत्री जी को इतने लंबे समय तक पद पर बने रहने क्यों दिया जा रहा है, जो अपनी अक्षमता से खुले तौर पर भारत के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।’’

कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ मूल्यांकन की एक डिजिटल प्रणाली है। इसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके डिजिटल स्वरूप में कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचा जाता है।

भाषा हक

हक मनीषा

मनीषा


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