पीएम श्री योजना और उससे जुड़ी शर्तों का अब भी विरोध करते हैं: माकपा

पीएम श्री योजना और उससे जुड़ी शर्तों का अब भी विरोध करते हैं: माकपा

पीएम श्री योजना और उससे जुड़ी शर्तों का अब भी विरोध करते हैं: माकपा
Modified Date: October 24, 2025 / 06:15 pm IST
Published Date: October 24, 2025 6:15 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 24 अक्टूबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केरल इकाई ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उसके नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने अपने हिस्से की धनराशि प्राप्त करने के लिए केंद्र के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर जरूर किए हैं, लेकिन वह पीएम श्री योजना और उससे जुड़े प्रावधानों का अब भी विरोध करती है।

माकपा का यह स्पष्टीकरण राज्य में प्रमुख सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के साथ रिश्तों में तनाव की खबरों के बीच आया है।

माकपा के प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन ने तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार को केंद्रीय निधियों से अपना उचित हिस्सा प्राप्त करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वह पीएम श्री जैसी योजनाओं से जुड़े प्रतिबंधात्मक प्रावधानों को स्वीकार नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा, “हमें अपनी बकाया धनराशि मिलने को लेकर कोई संदेह नहीं है। लेकिन इससे पहले केंद्र ने कभी ऐसी शर्तें नहीं लगाईं। अब यह सरकार हर क्षेत्र में शर्तें लगा रही है, जिससे केरल समेत कई राज्य प्रभावित हो रहे हैं।”

गोविंदन ने आरोप लगाया कि केरल को विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत मिलने वाली लगभग 8,000 करोड़ रुपये की राशि अभी तक जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा, “केंद्र को उचित धनराशि जारी करनी चाहिए। उसका शर्तें थोपने का रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

गोविंदन ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा, “केंद्र के रुख का विरोध किया जाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने अब तक कोई आपत्ति नहीं जताई है।”

माकपा नेता ने कहा, “कांग्रेस के शासन के दौरान राजस्थान ने सबसे पहले पीएम श्री समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। यह उसके दोहरे मापदंड को दर्शाता है। उसकी राजनीति इसी बात पर केंद्रित प्रतीत होती है कि केरल में कोई विकास नहीं होना चाहिए।”

माकपा के रुख को दोहराते हुए गोविंदन ने कहा कि पार्टी ने पीएम श्री योजना और इसी तरह की सशर्त वित्त पोषण योजनाओं का लगातार विरोध किया है।

उन्होंने कहा, “हम पहले भी इसके खिलाफ थे और आज भी इसके खिलाफ हैं। केंद्र की वित्तीय नीतियां राज्यों के अधिकारों को कमजोर कर रही हैं।”

गोविंदन ने दावा किया कि केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के भीतर इस मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा, “भाकपा एलडीएफ में एक मजबूत साझेदार है और दोनों पार्टियों के बीच कोई विवाद नहीं है। सहयोगी दलों के साथ चर्चा के बाद सरकार आगे बढ़ेगी।”

गोविंदन ने कहा कि एलडीएफ सरकार केंद्र की वित्तीय नीतियों के खिलाफ सामूहिक रूप से विरोध जारी रखेगी।

उन्होंने दावा किया, “केंद्र का दबंग रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह जनता का पैसा है, नरेन्द्र मोदी का निजी कोष नहीं। केरल को अपने हिस्से की उचित राशि पाने का पूरा अधिकार है।”

केरल के सामान्य शिक्षा विभाग ने पीएम श्री स्कूल योजना में शामिल होने के लिए केंद्र के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसकी भाकपा ने आलोचना की है।

भाषा पारुल माधव

माधव


लेखक के बारे में