नई दिल्ली। पोखरण-2 परमाणु परीक्षण के आज 20 बरस हो गए। 11 मई 1998 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राजस्थान के जैसलमेर से 110 किलोमीटर दूर पोखरण इलाके में परमाणु परीक्षण कर भारत परमाणु शक्ति संपन्न देशों की सूची में शुमार हुआ था।
ये भी पढ़ें-ईरान और इजराइल में ठनीं, दोनों तरफ से रॉकेट- मिसाइल वार, देखें वीडियो
भारत ने परमाणु अप्रसार संधि में हस्ताक्षर किए बिना भारी दबाव के बीच इस सफल परीक्षण को पूरा किया था। भारत के इस कदम से अमेरिका, पाकिस्तान हैरान रह गए थे।
It was on this day in 1998 when India successfully conducted its first nuclear test. World’s best spy agencies left no stone unturned to foil our endeavor but test was conducted in such a clandestine manner that they came to know about it only after it’s success. #Pokhran2 pic.twitter.com/Pf8VGwu0jw
— Friends of RSS (@RSS_Org) May 11, 2018
पोखरण रेंज में पांच परमाणु के सफल परीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपयी मिसाइल मैन अब्दुल कलाम के साथ पोखरण रेंज में मौजूद थे। परीक्षण के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने ऐलान किया था कि हमने 15.35 को अंडर ग्राउंड परमाणु परीक्षण किया। मिसाइल मैन अब्दुल कलाम ने परीक्षण के सफल होने की पुष्टि की थी। अटल विहारी वाजपेयी ने कहा था कि जिन देशों के पास परमाणु हथियार नहीं उन देशों पर भारत अपने हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा।
गोपनीय रखा गया था मिशन
मिशन से जुड़ी हर बात और तथ्यों को बेहद गोपनीय रखा गया था। महत्वपूर्ण बातें कोड वर्ड्स में की जाती थी। मिशन को ऑपरेशन शक्ति का नाम दिया गया। और 10 मई की रात को इसे अंतिम रूप दिया गया।
#Pokhran2. On this day in 1998, India conducted three successful underground nuclear test and become a nuclear weapon state. @DefenceMinIndia pic.twitter.com/TY1fQjESZe
— Indian Coast Guard (@IndiaCoastGuard) May 11, 2018
पोखरण में आबादी बस्तियों से दूर रेतीले जगह पर कई फीट नीचे गड्ढा खोदा गया। तड़के सुबह परमाणु बमों को पोखरण पहुंचाया गया। बम दस्ते का नाम कोड वर्ड्स से लिया जाता था।
On this day in 1998, India established itself as a full-fledged nuclear power by conducting five underground nuclear tests at #Pokhran#Pokhran2 pic.twitter.com/b2r6Vcxz7X
— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar) May 11, 2018
परमाणु बम को खोदे गए गड्ढों में डाला गया। और गड्ढों को रेत और मिट्टी से भरकर टीलो में तब्दील किया गया। जब धमाका हुआ तो आसमान धूल से ढक गया था। नीचे कई फीट गहरे गड्ढे हो गए थे।
11 May 1998. India conducted three successful underground nuclear tests. During Operation Shakti #Pokhran2, India tested five nuclear bomb explosions at Pokhran Test Range in May 1998. Proud #IndianArmy pic.twitter.com/W31XLxK9uA
— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) May 11, 2018
ये भी पढ़ें- शिक्षाकर्मियों का टूटा सब्र, अब महापंचायत में बनेगी आंदोलन की रणनीति
टीम में मिसाइल मैन अब्दुल कलाम भी सेना की वर्दी में थे। कलाम परीक्षण से पहले अकेले ही पोखरण रेंज में आकर टेस्ट करते थे ताकी किसी को भनक न लगे। परीक्षण के दिन वैज्ञानिकों की पूरी 20 सदस्यीय टीम सेना की वर्दी में पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी थी।
वेब डेस्क, IBC24