Chhindwara Pregnant Woman Carried on charpai : प्रसव पीड़ा से तड़पती रही गर्भवती, नहीं मिली एंबुलेंस… फिर जो हुआ उसने खोल दी सिस्टम की पोल

Ads

छिंदवाड़ा के एक गांव में एंबुलेंस नहीं मिलने पर परिजनों ने गर्भवती महिला को चारपाई पर लिटाकर नदी पार कराई और फिर बाइक से अस्पताल पहुंचाया। मां और नवजात दोनों का इलाज जारी है।

  •  
  • Publish Date - June 26, 2026 / 04:58 PM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 05:01 PM IST

Chhindwara Pregnant Woman Carried on charpai / Image Source : AI

HIGHLIGHTS
  • एंबुलेंस नहीं मिलने पर गांव में ही हुई डिलीवरी।
  • जच्चा-बच्चा को चारपाई पर नदी पार कर अस्पताल पहुंचाया गया।
  • आगे का सफर बाइक से तय कर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

छिंदवाड़ा:  Chhindwara Pregnant Woman Carried on charpai :  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हथोड़ा के लोहरी गांव में एंबुलेंस न मिलने के कारण एक गर्भवती महिला की जान जोखिम में डालनी पड़ी। परिजनों को मजबूरी में महिला को चारपाई पर लिटाकर नदी पार करानी पड़ी।

समय पर नहीं मिल सकी एंबुलेंस

जानकारी के अनुसार, लोहरी गांव की एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने आपातकालीन स्थिति में अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। MP Rural Health Infrastructure Failure इसके बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए महिला की डिलीवरी गांव में ही करानी पड़ी।

चारपाई और बाइक का लेना पड़ा सहारा

गांव में डिलीवरी होने के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को आगे के इलाज और सुरक्षा के लिए अस्पताल ले जाना बेहद जरूरी था। इसके लिए ग्रामीणों और परिजनों ने महिला को एक चारपाई पर लिटाया और कंधे पर उठाकर पैदल ही उफनती नदी को पार किया। नदी पार करने के बाद, आगे का रास्ता तय करने के लिए महिला को मोटरसाइकिल पर बैठाकर जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल मां और बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

इन्हें भी पढ़ें :

 

मामला कहां का है?

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के लोहरी गांव का।

गर्भवती को चारपाई पर क्यों ले जाना पड़ा?

समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, इसलिए परिजनों ने चारपाई का सहारा लिया।