Vande Bharat: शुद्धिकरण का हिसाब.. राहुल का दलित ‘राग’! दलित वोट पर सियासी पारा हाई, छुआछूत पर घमासान से किसे नफा किसे नुकसान?

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शुद्धिकरण का हिसाब.. राहुल का दलित 'राग'! दलित वोट पर सियासी पारा हाई, Political temperature high on Dalit vote

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  • Publish Date - August 30, 2026 / 12:08 AM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 12:44 AM IST

Vande Bharat IBC24 News || Image- IBC24 News File

नई दिल्लीः Latest Hindi News  सियासत में मुद्दे जनता के होने चाहिए, लेकिन अब रवायत है वक्त के हिसाब से मुद्दों के जरिए परसेप्शन बनाने की। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को एक बार फिर प्रेस के सामने बड़े स्क्रीन पर एक गंभीर मुद्दे को देश का सबसे बड़ा मुद्दा बताया। अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी की सभा के बाद शुद्धिकरण के बहाने दलितों शोषण और अत्याचार के मुद्दे पर राहुल ने मोदी सरकार को जमकर घेरा।

Latest Hindi News  मनुस्मृति पर गरमाई देश की सियासत के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को दलित कार्ड खेल दिया। कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे की सभा के बाद शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया। स्क्रीन पर मल्लिकार्जुन खरगे और उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेश भट्ट का वीडियो चलाया और आरोप लगाया कि बीजेपी की शह पर छुआछूत को बढ़ावा दिया जा रहा है। राहुल ने इस दौरान स्क्रीन पर 4 तस्वीरें भी दिखाईं। समाज में किसी ना किसी रूप में दलित अत्याचार जारी रहने की आरोप लगाया। राहुल ने खरगे ही नहीं बल्कि बिहार के पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि जब मांझी मंदिर गए तब भी मंदिर का शुद्धिकरण किया गया था। राहुल के इस हमले पर बीजेपी और NDA नेताओं ने पलटवार किया।

दरअसल 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी में खड़गे की रामलीला मैदान में रैली के दो दिन बाद BJP और RSS के कार्यकर्ताओं ने हवन कर मंच का शुद्धीकरण किया था। खास बात ये है कि राहुल ने इस घटना के पूरे 18 दिन बाद इस मुद्दे को जिंदा करने की कोशिश की। राहुल ने इससे पहले पुणे की छात्रों की गूंज में मनुस्मृति पर निशाना साधा था अब दलित अत्याचार का मुद्दा उठाया यानी राहुल का निशान दलित वोट पर है। सवाल ये है कि क्या दलित वर्ग राहुल के साथ जाएगा?

 

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