शह मात The Big Debate: नई भर्ती पर क्लेश.. अभ्यर्थियों का प्रश्न शेष! MP एक लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली, क्या सिर्फ 10 हजार पदों पर भर्ती से दूर होगी टीचरों की कमी?

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नई भर्ती पर क्लेश.. अभ्यर्थियों का प्रश्न शेष! MP एक लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली, One Lakh Teacher Posts are Vacant in MP

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  • Publish Date - August 29, 2026 / 11:38 PM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 12:13 AM IST

भोपाल: मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार और अभ्यर्थी एक बार फिर आमने-सामने हैं। भोपाल में चयनित शिक्षक पदवृद्धि और नियुक्ति की मांग को लेकर 9 दिनों से धरना दे रहे हैं। वहीं सरकार करीब 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती की तैयारी में है, लेकिन बड़ा सवाल ये है, जब प्रदेश में एक लाख से ज्यादा पद खाली हैं और हजारों चयनित अभ्यर्थी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं तो सिर्फ 10 हजार नई भर्ती से क्या बदलेगा?

मध्यप्रदेश में एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने करीब 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है, तो दूसरी तरफ राजधानी भोपाल में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थी पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि सरकार को नई भर्ती निकालने के बजाय पहले से चयनित 12 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों के लिए पद बढ़ाने चाहिए।

एमपी के प्राथमिक स्कूलों में 55 हजार 626 और माध्यमिक स्कूलों में 44 हजार 546 पद खाली हैं। ऐसे में केवल 10 हजार शिक्षकों की भर्ती होने से ये कमी कैसे पूरी होगी? कांग्रेस ने सरकार पर युवाओं से बार-बार परीक्षा शुल्क लेने और भर्ती प्रक्रिया के नाम पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। वहीं बीजेपी का कहना है कि पात्रता परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर सरकार संवेदनशीलता से विचार कर रही है। जाहिर है कि सरकार के सामने दोहरी चुनौती है- एक तरफ स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करना और दूसरी तरफ पहले से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देना। सवाल है कि क्या नई भर्ती से शिक्षकों की कमी दूर हो पाएगी? क्या पदवृद्धि की मांग कर रहे अभ्यर्थियों को सरकार नई भर्ती में समायोजित करेगी?

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