समान नागरिक संहिता, एक राष्ट्र-एक चुनाव पर सकारात्मक विचार-विमर्श जारी: मोदी

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समान नागरिक संहिता, एक राष्ट्र-एक चुनाव पर सकारात्मक विचार-विमर्श जारी: मोदी

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 02:01 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 02:01 PM IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को समान नागरिक संहिता और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो अधूरे एजेंडे बताते हुए कहा कि इन पर गंभीर और सकारात्मक विचार-विमर्श चल रहा है।

भाजपा के स्थापना दिवस पर एक कार्यक्रम को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए, मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने आपातकाल जैसी कई कठिनाइयों को सहा और कांग्रेस के शासन में उत्पीड़न का सामना किया है।

उन्होंने कहा कि कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने तो अपनी जान भी कुर्बान कर दी, जैसा कि पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में देखा गया, ‘‘जहां हिंसा को एक राजनीतिक संस्कृति बना दिया गया है’’।

मोदी ने कहा, ‘‘हमारा मिशन अभी जारी है। समान नागरिक संहिता और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर देश में गंभीर चर्चाएं चल रही हैं और हम इन पर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ प्रणाली में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उद्देश्य पूरे देश में विवाह, गोद लेने आदि के संबंध में सभी के लिए एक समान कानून बनाना है।

मोदी ने कहा कि देश जानता है कि भाजपा हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास कर रही है और ऐसा करती रहेगी; पहले भी सकारात्मक परिणाम मिले हैं, और भविष्य में भी मिलेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटिश काल के सैकड़ों काले कानूनों को खत्म करना, लोकतंत्र के लिए एक नए संसद भवन का निर्माण, सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण, तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून, नागरिकता संशोधन अधिनियम, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण… ऐसे अनगिनत काम हैं जो भाजपा के ईमानदार प्रयासों का परिणाम हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ही एकमात्र ऐसी राजनीतिक पार्टी है जहां कार्यकर्ता पार्टी को अपनी मां मानते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यही कारण है कि पार्टी का स्थापना दिवस सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। यह हर कार्यकर्ता के लिए एक भावनात्मक अवसर है। यह दिन हमें देश की सेवा करने का अवसर देने के लिए पार्टी के प्रति अपना आभार व्यक्त करने का मौका देता है।’’

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा