तिरुवनंतपुरम, सात जनवरी (भाषा) केरल के देवस्वओम मंत्री वी.एन. वासवन ने मंगलवार को कहा कि शबरिमला में आगामी मकरविलक्कु उत्सव के लिए विस्तृत तैयारियां की गई हैं और उत्सव के दिन 14 जनवरी को पहाड़ी मंदिर में केवल 35,000 तीर्थयात्रियों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कुल तीर्थयात्रियों में से 30,000 को ‘आभासी कतार प्रणाली’ (वर्चुअल क्यू सिस्टम) के माध्यम से प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इससे एक दिन पहले, 35,000 ‘वर्चुअल क्यू बुकिंग’ के माध्यम से आने वाले तीर्थयात्रियों सहित अधिकतम 40,000 श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा।
उससे पहले के दिनों में सामान्य दिनों की तरह प्रतिदिन 70,000 तीर्थयात्रियों को ‘वर्चुअल क्यू’ के माध्यम से प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
त्रावणकोर देवस्व ओम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष के. जयकुमार के साथ एक समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वासवन ने कहा कि ‘स्पॉट बुकिंग’ के माध्यम से प्रवेश प्रतिदिन 5,000 तीर्थयात्रियों तक सीमित रहेगा।
टीडीबी अध्यक्ष ने कहा कि 10 जनवरी से सन्निधानम में कमरों की बुकिंग पूरी तरह से ऑनलाइन की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कमरे केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को आवंटित किए जाएंगे जिन्होंने अपने और अपने साथ आने वाले व्यक्तियों के वैध फोटो पहचान पत्रों का उपयोग करके बुकिंग कराई है। मंदिर परिसर से मकरविलक्कू दर्शन के लिए पास के हस्तांतरण या दुरुपयोग को रोकने के लिए, इस वर्ष फोटो युक्त पास जारी किए जाएंगे।
वासवन ने बताया कि एरुमेली में 10 जनवरी को चंदनक्कुडम शोभा यात्रा और अगले दिन पेट्थुल्लल अनुष्ठान के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं।
मकरविलक्कू उत्सव शबरिमला में ढाई महीने से अधिक समय तक चलने वाले वार्षिक तीर्थयात्रा चक्र के समापन का प्रतीक है।
भाषा संतोष प्रशांत
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