तारों के बीच के अंतरिक्ष में शर्करा अणु की मौजूदगी का पता चला: अध्ययन

तारों के बीच के अंतरिक्ष में शर्करा अणु की मौजूदगी का पता चला: अध्ययन

तारों के बीच के अंतरिक्ष में शर्करा अणु की मौजूदगी का पता चला: अध्ययन
Modified Date: July 20, 2026 / 08:04 pm IST
Published Date: July 20, 2026 8:04 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) धरती पर रसभरी और त्वचा को कृत्रिम रूप से टैन करने वाले उत्पादों में मौजूद शर्करा एरिथ्रुलोज अंतरतारकीय माध्यम यानी तारों के बीच मौजूद अंतरिक्ष में खोजा गया है। एक अध्ययन से यह जानकारी मिली।

शर्करा जैविक चयापचय प्रक्रियाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, लेकिन जीवन की उत्पत्ति के संदर्भ में शर्करा अणु पहले ‘न्यूक्लिक एसिड’ के निर्माण के लिए आवश्यक होते हैं। ‘न्यूक्लिक एसिड’ के प्रमुख रूप ‘डीएनए’ और ‘आरएनए’ हैं।

‘नेचर एस्ट्रोनॉमी’ शोध पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि जटिल और जैविक रूप से महत्वपूर्ण अणु अंतरिक्ष में बन सकते हैं। ये अणु शुरुआती चयापचय और प्रतिकृति प्रक्रियाओं के लिए उपलब्ध रासायनिक तत्वों में योगदान दे सकते हैं।

स्पेनिश नेशनल रिसर्च काउंसिल के शोधकर्ताओं समेत वैज्ञानिकों ने मिल्की वे आकाशगंगा के केंद्र के पास और ‘जी+0.693-0.027’ नामक आण्विक बादल की दिशा में चार कार्बन परमाणुओं से बने एरिथ्रुलोज का पता लगाया।

उन्होंने स्पेन में स्थित येबेस 40-मीटर रेडियो टेलीस्कोप और इंस्टीट्यूट फॉर रेडियो एस्ट्रोनॉमी इन द मिलिमीटर रेंज (आईआरएएम) के 30-मीटर रेडियो टेलीस्कोप की मदद से इस बादल का अवलोकन किया।

शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में मापे गए एरिथ्रुलोज के पैटर्न से आंकड़ों में मिले संकेतों का मिलान कर इस शर्करा की पहचान की।

शोधकर्ताओं की टीम ने यह भी पाया कि इस गैस बादल में एरिथ्रुलोज की मात्रा तीन कार्बन परमाणुओं वाली समान शर्कराओं की तुलना में कम से कम आठ गुना अधिक है।

स्पेनिश एस्ट्रोबायोलॉजी सेंटर और स्पेनिश नेशनल रिसर्च काउंसिल की प्रमुख लेखिका इजास्कुन जिमेनेज सेरा ने कहा, ‘‘यह खोज अप्रत्याशित थी, क्योंकि खगोल-रसायन विज्ञान में प्रचलित धारणा यह है कि अंतरतारकीय अणु कार्बन परमाणुओं के क्रमिक जुड़ने से आकार में बड़े होते जाते हैं।’’

शर्करा जीवित प्रणालियों में महत्वपूर्ण अणु होते हैं, जो ऊर्जा उपलब्ध कराने, जैविक संरचनाओं के निर्माण और आनुवंशिक सामग्री के कुछ हिस्सों के निर्माण में मदद करते हैं। पृथ्वी पर एरिथ्रुलोज आमतौर पर रसभरी और बिना धूप के त्वचा को टैन करने वाले कॉस्मेटिक उत्पादों में पाया जाता है।

पिछले अध्ययनों में उल्कापिंडों और क्षुद्रग्रहों के नमूनों में जीवन के लिए आवश्यक शर्करा राइबोज और ग्लूकोज की खोज हुई थी। इससे संकेत मिला था कि कुछ शर्कराएं संभवतः अंतरिक्ष से आई हो सकती हैं।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश


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