गंगटोक, 26 मई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिक्किम के अपने तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन मंगलवार को यहां रिज पार्क ऑर्किडेरियम का दौरा किया।
मुर्मू को ऑर्किडेरियम के उनके दौरे के दौरान ऑर्किड की विविध किस्मों से परिचित कराया गया, जिनमें राज्य भर में पाई जाने वाली 507 प्रजातियां शामिल हैं। साथ ही उन्हें ‘थुनपा पुएन झी’ (चार सामंजस्यपूर्ण मित्र) जैसे सांस्कृतिक प्रतीकों से भी परिचय कराया गया।
इस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण सिम्बिडियम नमो था, जो कि ऑर्किड की एक अनूठी प्रजाति है जिसका नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सम्मान में रखा गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, शहरी विकास तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री भोज राज राय, मुख्य सचिव आर. तेलंग और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
स्वर्ण जयंती मैत्रेय मंजरी परिसर में स्थित ऑर्किडेरियम सिक्किम की समृद्ध पुष्प विरासत और जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन और सतत पर्यटन विकास के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यहां पर दुर्लभ और स्थानीय ऑर्किड प्रजातियां हैं और यह राज्य की पारिस्थितिक समृद्धि और इसके संरक्षण प्रयासों को उल्लेखित करता है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने भी ऑर्किडेरियम का दौरा किया था।
मुर्मू के साथ तमांग भी मौजूद थे। तमांग ने कहा कि राष्ट्रपति के साथ यहां के पास में देओराली स्थित प्रतिष्ठित ‘नामग्याल इंस्टीट्यूट आफ तिब्बतोलॉजी’ का दौरा करना उनके लिए अत्यंत गौरव की बात थी। उन्होंने कहा, ‘यह यात्रा सिक्किम की समृद्ध बौद्ध विरासत, सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक परंपराओं को उजागर करती है।’
राष्ट्रपति ने संस्थान के दुर्लभ पांडुलिपियों और कलाकृतियों के अमूल्य संग्रह की सराहना की, जो हिमालयी क्षेत्र की अनूठी सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे दौरे हमें सिक्किम की विरासत, मूल्यों और परंपराओं को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करती हैं।’’
मुर्मू ने नामग्याल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) का भी दौरा किया।
इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने संस्थान परिसर का भ्रमण किया और वहां प्रदर्शित विभिन्न कलाकृतियों, दुर्लभ वस्तुओं, भित्ति चित्रों, पांडुलिपियों और अन्य प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। उन्हें संस्थान द्वारा वर्षों से संरक्षित और प्रदर्शित की जा रही समृद्ध विरासत, परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
मुर्मू ने संस्थान के अधिकारियों और प्रतिनिधियों से बातचीत की, जिन्होंने उन्हें हिमालयी बौद्ध संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया।
इस दौरे ने भावी पीढ़ियों के लिए हिमालयी बौद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के महत्व को रेखांकित किया।
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले, भारी बारिश के कारण मुर्मू द्वारा उद्घाटन किए जाने वाले पिंक सिटी रनर बस सेवा को हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
ये बसें रानीपूल और सचिवालय के बीच 25 रुपये के किराये पर चलेंगी, जो लगभग 12 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी और इनमें केवल महिला यात्री ही यात्रा कर सकेंगी।
परिवहन विभाग सलाहकार और विधायक मदन सिंतुरी ने बताया कि बसों में सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और एयर कंडीशनिंग की सुविधा दी गई है ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।
बस सेवा का संचालन पूरी तरह से महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा, जिसमें ड्राइवर और कंडक्टर भी शामिल हैं।
इससे पहले दिन में, पूर्वोत्तर राज्य के अपने दूसरे दौरे के लिए लिबिंग सैन्य हेलीपैड पर उतरने पर राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
माथुर और तमांग राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए वहां मौजूद थे।
राष्ट्रपति अपनी यात्रा के दूसरे दिन, नाथुला दर्रे का दौरा करेंगी और मनन केंद्र सभागार में सिक्किम विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी।
भाषा अमित माधव
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