चंडीगढ़, 27 मई (भाषा) पंजाब में निजी बस संचालकों ने बुधवार को ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण परिचालन लागत में वृद्धि का हवाला देते हुए राज्य सरकार से मोटर वाहन कर माफ करने का आग्रह किया।
पंजाब मोटर यूनियन के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में 7.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है, जिससे उनकी परिचालन लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा, ‘हमें लगता है कि भविष्य में ईंधन की कीमतें फिर बढ़ेंगी।’
मोटर वाहन कर एक अनिवार्य आवर्ती भुगतान है, जिसकी गणना वाहन के प्रकार, ईंधन और कीमत के आधार पर की जाती है। दोपहिया, चार पहिया और वाणिज्यिक वाहनों के लिए अलग-अलग कर श्रेणी लागू होती है।
शर्मा ने बताया कि राज्य में कुल 7,500 निजी बसें चलती हैं, जिनमें 5,000 मिनी बसें शामिल हैं।
उन्होंने भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार से बस संचालकों द्वारा सालाना भुगतान किए जाने वाले 87 करोड़ रुपये के मोटर वाहन कर को माफ करने का आग्रह किया।
शर्मा ने कहा कि डीजल, टायर, लुब्रिकेंट, स्पेयर पार्ट्स, बीमा प्रीमियम और टोल टैक्स की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण निजी बस क्षेत्र गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा है।
शर्मा ने दावा किया, “2022 से इनपुट लागत में 35-40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि किराए में उसी अनुपात में संशोधन नहीं किया गया है।”
उन्होंने कहा कि ऑपरेटर मोटर वाहन कर का भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं और यदि तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो “हम बसों के संचालन में असमर्थ हो जाएंगे।”
बस संचालकों ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने का अनुरोध भी किया है ।
भाषा राखी पवनेश
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