जंतर-मंतर पर प्रदर्शन ‘ट्रेलर’, प्रधान को सात दिन में पद से हटाना होगा : सीजेपी संस्थापक दीपके

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन ‘ट्रेलर’, प्रधान को सात दिन में पद से हटाना होगा : सीजेपी संस्थापक दीपके

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  • Publish Date - June 7, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - June 7, 2026 / 06:48 PM IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को उन “हजारों” लोगों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सात दिन के भीतर पद से नहीं हटाया गया या उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, तो सीजेपी का आंदोलन जारी रहेगा।

दीपके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जंतर-मंतर पर शनिवार को हुए विरोध-प्रदर्शन को शक्ति प्रदर्शन का “ऐतिहासिक” उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन शिक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों और युवाओं के बीच बढ़ते गुस्से को दर्शाता है।

दीपके ने लिखा, “कल हम हजारों लोगों ने इतिहास रच दिया। जंतर-मंतर पर हमारे शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन ने सरकार को इस बात का ‘ट्रेलर’ दिखा दिया कि जब हम ‘कॉकरोच’ एकजुट होते हैं, तो क्या कर सकते हैं।”

सीजेपी संस्थापक ने दावा किया कि शनिवार के प्रदर्शन में शामिल होने वाले ज्यादातर लोगों ने पहले कभी किसी विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने कहा, “हमारी सामूहिक उपस्थिति से उन्हें शिक्षा प्रणाली के प्रति अपना गुस्सा और निराशा जाहिर करने का हौसला मिला।”

दीपके ने भीषण गर्मी के बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा, “अगर हम आवाज नहीं उठाएंगे, तो बदलाव नहीं आ सकता।”

दीपके ने प्रधान पर पूरी पीढ़ी के साथ गलत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “विरोध-प्रदर्शन यहीं नहीं थमेंगे।” उन्होंने कहा, “अगर उन्हें अगले सात दिन के भीतर पद से नहीं हटाया गया या वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो हम अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखने के लिए मजबूर होंगे।”

दीपके ने इस बात पर जोर दिया कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार एकजुट और अहिंसक अभियान को नजरअंदाज नहीं कर सकती।

सीजेपी संस्थापक ने कहा, “सरकार एकजुट, शांतिपूर्ण आंदोलन को छू भी नहीं सकती। हम जैसे ‘कॉकरोच’ को उनसे डरने की कोई जरूरत नहीं है।”

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश