गोवा में नीट को लेकर विरोध प्रदर्शन निम्नतम स्तर तक गिर गया: मुख्यमंत्री सावंत

गोवा में नीट को लेकर विरोध प्रदर्शन निम्नतम स्तर तक गिर गया: मुख्यमंत्री सावंत

गोवा में नीट को लेकर विरोध प्रदर्शन निम्नतम स्तर तक गिर गया: मुख्यमंत्री सावंत
Modified Date: July 29, 2026 / 04:54 pm IST
Published Date: July 29, 2026 4:54 pm IST

पणजी, 29 जुलाई (भाषा) मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर गोवा में हाल ही में हुए छात्र आंदोलन का स्तर ‘बौद्धिक रूप से निम्नतम स्तर’ तक गिर गया था और छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद की रिहाई की मांग करने वाली तख्तियों ने विरोध प्रदर्शन को उसके असली मकसद से भटका दिया।

पणजी में ‘गोवा शिक्षा समागम 2026’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सावंत ने कहा कि छात्रों को विरोध करने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्होंने कहा कि हालिया आंदोलन के दौरान जो व्यवहार और संदेश देखने को मिले उन्हें असली छात्र आंदोलनों से नहीं जोड़ा जा सकता।

परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और नीट के कथित पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

गोवा पुलिस ने पिछले हफ्ते पणजी में दो युवकों को हिरासत में लिया था। उन पर आरोप था कि प्रधान के इस्तीफे पर जश्न मनाने के दौरान उन्होंने जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद का समर्थन किया था।

खालिद को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।

तटीय राज्य की पुलिस ने पिछले हफ्ते मापुसा और पणजी में प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए दो विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों से भी पूछताछ की थी।

सावंत ने कहा, ‘‘छात्रों को विरोध करने का पूरा अधिकार है। मैं नीट को लेकर हुए विरोध को समझ सकता हूं। लेकिन विरोध के दौरान जिस तरह के कृत्य, सोच और भाषा का प्रदर्शन किया गया, वह छात्रों की नहीं हो सकती। हममें से कई लोगों ने पूर्व में छात्र आंदोलनों में हिस्सा लिया है, लेकिन कोई भी बौद्धिक रूप से इतना निम्नतम स्तर तक नहीं गिरा।

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि नीट पर केंद्रित विरोध प्रदर्शन के दौरान उमर खालिद का मुद्दा क्यों उठाया गया।

उन्होंने पूछा, ‘‘मैं नीट को लेकर हो रहे विरोध को समझ सकता हूं। धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और देश के हित में काम किया है। लेकिन उमर खालिद कौन है? नीट के विरोध में प्रदर्शन के दौरान उसकी रिहाई की मांग करने वाले पोस्टर क्यों दिखाए जाने चाहिए?’’

सावंत ने आगे सवाल उठाया कि गोवा के आजाद मैदान में खालिद की रिहाई की मांग करने वाले पोस्टर कैसे दिखाए गए, जबकि उस कार्यकर्ता को दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, ‘‘ये लोग कौन हैं? हमें अपने छात्रों को जगाना होगा वरना ऐसी हरकतें सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ देंगी।’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गोवा के बाहर से लोगों को लाया गया था और जनता से अपील की कि वे विरोध प्रदर्शन के वीडियो देखें।

भाषा संतोष नरेश

नरेश


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