जयपुर, आठ अगस्त (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था व सुलभ न्याय से आमजन का सरकार पर विश्वास मजबूत होता है और राज्य में सुशासन की संकल्पना साकार होती है। मुख्यमंत्री लोक अभियोजकों और विधि अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि लोक अभियोजक न्यायिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो न्यायालयों में सरकार का पक्ष रखने के साथ अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को न्याय दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शर्मा ने कहा, “जरूरतमंद और पीड़ित लोग न्याय की उम्मीद लेकर आते हैं। ऐसे में संवेदनशीलता और सकारात्मक व्यवहार उनके मन में विश्वास बढ़ाता है।”
उन्होंने लोक अभियोजकों से कानून के साथ मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखकर काम करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालय में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले विधि अधिकारियों की ‘रिटेनरशिप’ और ‘एपीयरेंस’ फीस बढ़ाने का फैसला किया गया है।
शर्मा ने कहा कि इसके अलावा उनकी ‘ड्राफ्टिंग’ और ‘ओपिनियन फीस’ में भी वृद्धि की गई है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों में नियुक्त विधि अधिकारियों के पारिश्रमिक में अब तक दो बार वृद्धि कर चुकी है।
कार्यक्रम में लोक अभियोजकों और विधि अधिकारियों ने पारिश्रमिक एवं फीस में वृद्धि के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
कार्यक्रम में विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद मदन राठौड़ और महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद भी मौजूद थे।
शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में विभिन्न जिला स्तरीय जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के सदस्यों के धन्यवाद एवं आभार कार्यक्रम को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि ये समितियां आमजन की समस्याओं को सुनकर उन्हें प्रशासन तक पहुंचाने के साथ उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देने और उसकी निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्यमंत्री ने समिति के जिला स्तरीय सदस्यों से सेवा भावना के साथ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रियता से काम करने का आह्वान किया।
भाषा पृथ्वी जितेंद्र
जितेंद्र