पंजाब: ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर ‘आप’, कांग्रेस व शिअद का केंद्र पर हमला

पंजाब: ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर ‘आप’, कांग्रेस व शिअद का केंद्र पर हमला

पंजाब: ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर ‘आप’, कांग्रेस व शिअद का केंद्र पर हमला
Modified Date: May 25, 2026 / 10:27 pm IST
Published Date: May 25, 2026 10:27 pm IST

चंडीगढ़, 25 मई (भाषा) पंजाब के राजनीतिक दलों ने ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधा और उन्होंने इसे महंगाई से जूझ रहे आम लोगों पर एक और कठोर प्रहार बताया।

सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 2.61 और 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। यह दो हफ्तों से भी कम समय में चौथी बार है जब सरकारी तेल कंपनियों ने बढ़ोतरी की है। इससे महंगाई और परिवहन लागत बढ़ने की चिंताएं गहरी हो गई हैं।

इस ताजा बढ़ोतरी के साथ, 15 मई से पेट्रोल और डीजल के दाम में कुल मिलाकर करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है।

इस बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र ने आम जनता को एक और ‘‘झटका’’ दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘लगता है कि भाजपा सरकार को मुश्किलों से जूझ रहे परिवारों की कोई चिंता नहीं है। जहां दुनिया के कई देश अपने नागरिकों को वैश्विक ईंधन संकट से बचा रहे हैं, वहीं भारत में लोगों को अकेले यह संकट झेलने के लिए छोड़ दिया गया है। क्या यही है वह ‘अमृत काल’ जिसका वादा लोगों से किया गया था?’’

चीमा ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर आर्थिक प्रबंधन में नाकाम रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘रुपया भी गिर रहा है… पेट्रोल 100 रुपये पार कर रहा है, सोने पर शुल्क 15 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है और इस सबके ऊपर केंद्र सरकार ने अमेरिका का सामान आयात करने की प्रतिबद्धता जताई है, जो किसानों की आमदनी को बुरी तरह चोट पहुंचा सकती है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती कीमतें, कमजोर रुपया, नीतिगत अनिश्चितता और किसानों पर दबाव अर्थव्यवस्था को गहरे संकट में धकेल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।’’

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी ईंधन मूल्य वृद्धि की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा, ‘‘पेट्रोल के दाम फिर बढ़े, डॉलर के मुकाबले रुपया लुढ़कता जा रहा है और आम भारतीयों के लिए जीवन मुहाल होता जा रहा है।’’

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सच यह है कि हर आर्थिक बोझ सीधा आम नागरिक पर डाला जा रहा है।’’

बाजवा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचने के बाद, रुपया जल्द ही 100 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर तक जा सकता है, जबकि मोदी सरकार ‘‘मजबूत कूटनीति’’ और ‘‘आर्थिक सफलता’’ का जश्न मनाना जारी रखेगी।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी इस बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए कहा कि महज 10 दिनों में यह पेट्रोल और डीजल की चौथी बढ़ोतरी है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘पहले से ही जरूरी वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों से जूझ रहे आम आदमी पर यह एक और कठोर प्रहार है। इससे कृषि क्षेत्र मंदी की चपेट में आ जाएगा, मध्यम वर्ग तबाह हो जाएगा और गरीबों की तकलीफें और बढ़ेंगी।’’

अकाली दल प्रमुख ने मांग की कि केंद्र सरकार महंगाई से राहत देने के लिए ईंधन और जरूरी वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर तथा अन्य करों में तत्काल कटौती करे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश का मध्यम वर्ग इस समय ‘सबसे अधिक आर्थिक दबाव’ में है।

उन्होंने कहा, ‘‘ रसोई गैस, खाद्य पदार्थ, यात्रा, बिजली, शिक्षा और हर दैनिक आवश्यकता की चीजें महंगी होती जा रही हैं। आम आदमी अब भविष्य के सपने नहीं देख रहा है, बल्कि उसे जीवित रहने के लिए मासिक खर्चों का हिसाब लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव


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