पंजाब: कार्यकर्ता गुरजीत खालसा को 560 दिनों बाद पटियाला में टावर से नीचे उतारा गया

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पंजाब: कार्यकर्ता गुरजीत खालसा को 560 दिनों बाद पटियाला में टावर से नीचे उतारा गया

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  • Publish Date - April 24, 2026 / 11:31 AM IST,
    Updated On - April 24, 2026 / 11:31 AM IST

समाना (पंजाब), 24 अप्रैल (भाषा) पंजाब में बेअदबी की घटनाओं के लिए सख्त कानूनों की मांग को लेकर 560 दिनों से 400 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठे कार्यकर्ता गुरजीत सिंह खालसा को आखिरकार शुक्रवार सुबह नीचे उतार लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इस घटनाक्रम के साथ ही गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहे खालसा (43) के अनूठे ढंग से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का समापन हो गया। उन्होंने 12 अक्टूबर 2024 को पटियाला के समीप समाना में स्थित टावर पर चढ़कर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।

पटियाला जिला प्रशासन ने खालसा को सुरक्षित रूप से नीचे उतारने के लिए सेना से सहायता मांगी थी। खालसा शुक्रवार की सुबह ‘सिख जयकारा’ और ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारों के बीच टावर से उतरे।

खालसा के नीचे उतरने के बाद उन्हें चिकित्सा जांच के लिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया। इस बीच उनके समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए।

सेना और दमकल कर्मियों की टीम ने पटियाला जिले के खेड़ी नगैयां गांव के निवासी इस कार्यकर्ता को नीचे उतारने के लिए बृहस्पतिवार एक पूर्वाभ्यास किया था।

पंजाब सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ संशोधित कानून ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को हाल ही में अधिसूचित कर दिया है, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने समेत कठोर दंड का प्रावधान है।

इसे अधिसूचित किए जाने के बाद खालसा ने प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया।

यह विधेयक पंजाब विधानसभा के 13 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान सर्वसम्मति से पारित किया गया था। बाद में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी थी।

खालसा की प्रमुख मांग गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधानों को लागू करना था। विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें रस्सियों की मदद से आवश्यक आपूर्ति दी जा रही थी।

भाषा यासिर मनीषा

मनीषा