जहरीली शराब के निर्माण, ढुलाई पर रोक के लिए कदम उठाना जारी रखने का पंजाब सरकार को निर्देश

जहरीली शराब के निर्माण, ढुलाई पर रोक के लिए कदम उठाना जारी रखने का पंजाब सरकार को निर्देश

जहरीली शराब के निर्माण, ढुलाई पर रोक के लिए कदम उठाना जारी रखने का पंजाब सरकार को निर्देश
Modified Date: April 4, 2023 / 07:09 pm IST
Published Date: April 4, 2023 7:09 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वह राज्य में अवैध देसी शराब के निर्माण और ढुलाई तथा अवैध ‘भट्टियों’ के संचालन को रोकने के लिए कार्रवाई जारी रखे।

न्यायमूर्ति एम. आर. शाह और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने दोहराया कि स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार ठहराया जाएगा अगर कोई अवैध ‘भट्टी’ उनके अधिकार क्षेत्र में संचालित पाई जाती है।

पीठ ने कहा, ‘‘पंजाब सरकार को निर्देश दिया जाता है कि वह राज्य में अवैध देसी शराब के निर्माण और ढुलाई तथा अवैध ‘भट्टियों’ के संचालन को रोकने के लिए कार्रवाई जारी रखे। जैसा कि पहले कहा गया था कि यदि किसी के इलाके में अवैध भट्टी पाई जाती है तो स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। राज्य सरकार को तदनुसार कदम उठाने का निर्देश दिया जाता है।’’

शीर्ष अदालत ने जहरीली शराब के सेवन से लोगों के मरने की पूर्व की घटनाओं के संबंध में कहा कि तीन जिलों में तीन घटनाओं के संबंध में सात प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।

शीर्ष अदालत ने इस बात का संज्ञान लिया कि उन सभी मामलों में, जांच के बाद, अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और आरोप-पत्र दायर किये गये तथा अब मुकदमा चल रहा है। न्यायालय ने कहा कि अब इस मामले में कोई आदेश जारी किये जाने की जरूरत नहीं है।

शीर्ष अदालत ने पंजाब में बढ़ते अवैध शराब व्यापार और नशीली दवाओं के खतरे पर पूर्व में भी चिंता व्यक्त की थी और राज्य सरकार से स्थानीय पुलिस पर निगरानी रखने में विफल रहने के लिए जिम्मेदारी तय करने को कहा था।

पीठ ने कहा था, ‘‘अगर कोई देश को, विशेष रूप से सीमावर्ती राज्यों को खत्म करना चाहता है, तो वह सीमा से शुरू करेगा। देश को बचाने के लिए हर अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए। अपनी सरकार को बहुत गंभीर होने के लिए कहें। उन्हें देश को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करना होगा। युवाओं को बर्बाद करना बहुत आसान है।’

शीर्ष अदालत पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के सितंबर 2020 के एक आदेश से उत्पन्न उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें नकली शराब के डिस्टिलेशन (शराब तैयार करने की विधि), इसकी बिक्री और अंतर-राज्यीय तस्करी के संबंध में पंजाब में दर्ज कुछ प्राथमिकी को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका का निस्तारण किया गया था।

भाषा सुरेश पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में