जालंधर, 15 जनवरी (भाषा) पंजाब केसरी अखबार समूह ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा कई छापेमारी के जरिए उसे निशाना बनाया जा रहा है।
समूह ने यह भी कहा कि यह सिलसिला राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक के खिलाफ विपक्ष के आरोपों पर एक ‘संतुलित और निष्पक्ष’ समाचार रिपोर्ट प्रकाशित होने के साथ शुरू हआ।
अखबार समूह ने आरोप लगाया कि उसे और उसके सहयोगियों को ‘‘प्रेस को डराने के मकसद’’ से निशाना बनाकर ये छापे मारे गए।
‘पीटीआई-भाषा’ ने प्रतिक्रिया के लिए आम आदमी पार्टी और राज्य सरकार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल कोई जवाब नहीं मिल सका है।
विजय कुमार चोपड़ा, अविनाश चोपड़ा और अमित चोपड़ा द्वारा हस्ताक्षरित पत्र के प्रारंभ में कहा गया, ‘‘हम हाल के कुछ घटनाक्रमों के संबंध में अपनी गहरी चिंता और पीड़ा व्यक्त करने के लिए लिख रहे हैं, जिनसे यह गंभीर आशंका उत्पन्न होती है कि पंजाब सरकार प्रेस को डराने के लिए किसी बाहरी मकसद से पंजाब केसरी समूह और उसके सहयोगियों को विशेष रूप से निशाना बना रही है।’’
मान से अनुरोध किया गया है कि वह ‘‘इस मामले की तत्काल जांच करें और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करें।’’
पत्र में दावा किया गया है कि घटनाक्रम की शुरुआत 31 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित एक समाचार से हुई, ‘‘जो पंजाब में सत्तारूढ़ दल के राष्ट्रीय संयोजक के संबंध में विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर एक बहुत ही संतुलित और निष्पक्ष रिपोर्ट थी।’’
इसके बाद, पत्र में कहा गया है कि 2 नवंबर 2025 से पंजाब सरकार ने पंजाब केसरी समूह को दिए जाने वाले सभी विज्ञापनों पर रोक लगा दी है, जो पंजाब में सबसे अधिक प्रसार संख्या वाले हिंदी और पंजाबी दैनिकों का प्रकाशन करता है।
इसमें कहा गया है, “प्रेस पर आर्थिक दबाव के बावजूद, हम दृढ़ रहे और अपनी स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्टिंग जारी रखी। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में पंजाब केसरी और उसके प्रर्वतकों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया गया है।’’
समूह ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों में चोपड़ा परिवार, पंजाब केसरी समूह के प्रवर्तकों और अन्य के खिलाफ कई कार्रवाइयां की गई हैं।
पत्र में 11 जनवरी को, जालंधर में चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित एक होटल – पार्क प्लाजा जालंधर में एफएसएसएआई द्वारा छापा, चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जालंधर में संचालित होटल पर 12 जनवरी को जीएसटी विभाग द्वारा की गई छापेमारी, 12 जनवरी को आबकारी विभाग द्वारा चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जालंधर में संचालित होटल में की गई छापेमारी का जिक्र किया गया है।
इसमें दावा किया गया कि 12 जनवरी को कारखाना विभाग के उप निदेशक द्वारा लुधियाना स्थित पंजाब केसरी प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा गया था।
पत्र में कहा गया है कि 12 जनवरी 2026 को कारखाना विभाग के उप निदेशक द्वारा पंजाब केसरी प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा गया। 13 जनवरी को, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जालंधर में चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित होटल में छापा मारा।
पत्र में जालंधर जोन के कलेक्टर-सह-आबकारी अधिकारी द्वारा 13 जनवरी को जारी किए गए आबकारी विभाग के कारण बताओ नोटिस और 14 जनवरी को लाइसेंस रद्द करने के आदेश का भी जिक्र किया गया है।
इसके अलावा, इसमें जालंधर के एक होटल में 14 जनवरी को बिजली कनेक्शन काटे जाने का भी उल्लेख है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि 15 जनवरी को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लुधियाना और जालंधर स्थित प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा गया और कार्रवाई की गई।
इसमें दावा किया गया, ‘इन कार्रवाइयों के कारण आशंका है कि 15 जनवरी से जालंधर, लुधियाना और बठिंडा स्थित विभिन्न प्रेस में कामकाज बाधित या पूरी तरह बंद हो जाएगा। सुरानुस्सी, जालंधर, फोकल प्वाइंट, लुधियाना और आईजीसी बठिंडा स्थित प्रेस के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।’
पत्र के माध्यम से समूह ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि जैसा कि उन्हें ज्ञात होगा, दिवंगत लाला जगत नारायण ने 1949 में हिंद समाचार की स्थापना की थी और पंजाब केसरी का प्रकाशन 1965 में शुरू हुआ था।
पंजाब केसरी समूह ने कहा, ‘‘प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सर्वविदित है, क्योंकि पंजाब में उग्रवाद/आतंकवाद के दिनों में निडर रिपोर्टिंग के कारण हमारे पूज्य दिवंगत लाला जगत नारायण और दिवंगत रमेश चंद्र चोपड़ा तथा 60 अन्य कर्मचारी, एजेंट, हॉकर और पत्रकार शहीद हो गए और कई लोग घायल हुए। इसके बावजूद, समाचार पत्र ने किसी भी दबाव या प्रभाव के आगे झुके बिना निडरता से रिपोर्टिंग जारी रखी और आगे भी ऐसा ही करता रहेगा।’’
पत्र में कहा गया है, ‘इस तरह की लक्षित कार्रवाई, जिसमें विभिन्न विभाग पूर्वनिर्धारित इरादे से हमारे कामकाज में बाधा डाल रहे हैं, स्पष्ट रूप से डराने-धमकाने के इरादे को दर्शाती है।’’
पत्र में आरोप लगाया गया कि ये गतिविधियां ‘किसी निहित स्वार्थ के साथ की जा रही हैं, जिसके बारे में शायद आपको जानकारी होगी।’’
इसमें कहा गया है कि प्रेस की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने का प्रयास पंजाब में लोकतंत्र को गंभीर रूप से कमजोर करेगा, खासकर तब जब राज्य में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं।
भाषा सुभाष प्रशांत
प्रशांत