पंजाब: एलपीयू छात्रों का परिसर में कथित दुष्कर्म को लेकर हंगामा; प्राथमिकी दर्ज, एसआईटी गठित

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पंजाब: एलपीयू छात्रों का परिसर में कथित दुष्कर्म को लेकर हंगामा; प्राथमिकी दर्ज, एसआईटी गठित

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 01:27 AM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 01:27 AM IST

फगवाड़ा, 27 सितंबर (भाषा) पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा से ‘‘दुष्कर्म किए जाने के दावे’’ को लेकर परिसर में तोड़फोड़ की और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को बाधित कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम फिर से हिंसा भड़क उठी जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और उनके वाहनों पर हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

एडीजीपी एमएफ फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल बाद में एलपीयू परिसर में पहुंचा।

पुलिस ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है।

जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह, जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक नवीन सिंगला और कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा भी इस टीम के साथ थे। सिंगला ने बताया, ‘‘स्थिति नियंत्रण में है। एनएच-44 पर यातायात जल्द ही बहाल कर दिया जाएगा।’’

शाम को पुलिस परिसर के बाहर सुबह आठ बजे से एनएच-44 को अवरुद्ध कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास कर रही थी, तभी कुछ छात्रों ने उन पर पानी की बोतलें फेंकी। छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्र परिसर की ओर भाग गए।

हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि परिसर में पहुंचने के बाद छात्रों ने पुलिस पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस के दो वाहनों में भी आग लगा दी गई, जबकि पत्रकार और पुलिसकर्मी बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

जालंधर ग्रामीण के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि हिंसा में पुलिस के चार से पांच वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।

पुलिस ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया है।

हंगामे को देखते हुए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) प्रशासन ने सोमवार से 10 दिन के लिए कक्षाएं निलंबित कर दी हैं, जबकि मध्यावधि परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं।

पुलिस ने बताया कि छात्रों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है और जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में दुष्कर्म की घटना से इनकार करते हुए इसे “अफवाह” बताया है।

यह घटना पटियाला स्थित चितकारा विश्वविद्यालय के छात्रों के एक दिन पहले हुए बड़े प्रदर्शन के बाद हुई है, जहां कथित तौर पर दो छात्राओं के आत्महत्या करने के अपुष्ट दावों को लेकर छात्रों ने पुलिस वाहन में आग लगा दी थी।

एलपीयू में दिनभर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। एक छात्र परिसर में रखे गए सेवा से हटाये गए मिग-23यूएम विमान के ऊपर चढ़ गया, जबकि कुछ अन्य छात्र सेना के एक टैंक पर चढ़ गए।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी छात्र कथित रूप से परिसर में खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते तथा कुछ वस्तुओं में आग लगाते दिखे। वीडियो में पृष्ठभूमि में “हमें न्याय चाहिए” के नारे सुनाई दे रहे थे।

प्रदर्शनकारियों ने परिसर के बाहर दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया, जिससे भारी जाम लग गया और शाम को पुलिस के साथ झड़प हुई।

प्रदर्शन रविवार तड़के करीब एक बजे परिसर के गर्ल्स हॉस्टल के पास शुरू हुआ था। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया था कि वहां रहने वाली एक छात्रा के साथ तीन दिन पहले एक प्लंबर ने दुष्कर्म किया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि हॉस्टल वार्डन को घटना की जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

हालांकि, एलपीयू प्रबंधन ने एक बयान में कहा कि इन “अफवाहों” में कोई सच्चाई नहीं है। रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व “झूठे, निराधार और मनगढ़ंत” आरोप फैलाकर भ्रम पैदा कर रहे हैं।

एलपीयू ने हॉस्टल के एक कमरे में रहने वाली तीन छात्राओं का वीडियो बयान भी जारी किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और वे पिछले दो महीने से वहां रह रही हैं।

सोशल मीडिया पर सामने आये वीडियो में कुछ कथित प्रदर्शनकारी चेहरे को रूमाल से ढके हुए विश्वविद्यालय मॉल में दुकानों और परिसर की अन्य संपत्तियों में तोड़फोड़ करते दिखे। कुछ अन्य लोग किराना दुकान से सामान ले जाते भी नजर आए। वीडियो में क्षतिग्रस्त वाहन और तोड़े गए एटीएम कियोस्क भी दिखे।

एनएच-44 पर जारी जाम के कारण यातायात को फगवाड़ा हाईवे मार्ग से हटाकर जालंधर की ओर जाने के लिए फगवाड़ा-जंडियाला मार्ग और अन्य संपर्क मार्गों से भेजा गया।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई फंसे हुए यात्रियों ने प्रदर्शनकारियों से बहस की तथा रास्ता खोलने का आग्रह किया।

प्रदर्शनकारी छात्रों और एलपीयू प्रबंधन के बीच कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही, हालांकि कुलपति जसपाल सिंह संधू ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी वास्तविक शिकायतों का समाधान किया जाएगा।

प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि एलपीयू के संस्थापक-कुलाधिपति अशोक मित्तल, जो भाजपा के राज्यसभा सांसद भी हैं, मौके पर आएं और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दें।

उन्होंने यह भी मांग की कि उन्हें विश्वविद्यालय की गतिविधियों तक पहुंच देने वाला यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम बंद न किया जाए और प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रताड़ित नहीं किया जाए।

स्थिति शाम करीब 7.30 बजे और खराब हो गई, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क जाम हटाने के लिए मनाने का प्रयास किया। इसके बजाय प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बोतलें फेंकी, जिसके बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

अधिकारियों ने बताया कि गुस्साए छात्रों ने राजमार्ग पर पथराव किया और पुलिस वाहनों को निशाना बनाया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों में आग भी लगा दी।

हंगामे की खबर मिलने के बाद कपूरथला, जालंधर ग्रामीण और होशियारपुर से भारी पुलिस बल बुलाया गया।

मौके पर पहुंचे डीआईजी सिंगला ने कहा कि छात्रों का दावा है कि हॉस्टल नंबर-3 में रहने वाली पीड़िता कार्रवाई नहीं होने के बाद अपने घर लौट गई।

डीआईजी ने बताया कि छात्रों के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है और छात्रों के प्रतिनिधियों को शामिल कर जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा, “निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हम फोरेंसिक नमूनों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड आदि का विश्लेषण करेंगे।”

डीआईजी ने बताया कि छात्राएं मांग कर रही हैं कि पूरे हॉस्टल स्टाफ में केवल महिलाएं हों। उन्होंने कहा, “प्रबंधन इन मांगों पर ध्यान देगा।”

एक अन्य सवाल के जवाब में डीआईजी ने कहा कि एलपीयू में तेलंगाना की एक छात्रा ने 15 दिन पहले आत्महत्या की थी।

उन्होंने कहा, “अगर छात्रों का कहना है कि इसमें कोई गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।”

छात्रों के दुष्कर्म के दावे पर एलपीयू के कुलपति जसपाल सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है और प्रशासन जांच में सहयोग करेगा।

एलपीयू प्रशासन ने दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्व विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने के लिए छात्रों के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय ने बयान में कहा कि यह विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और उसकी छवि खराब करने का “जानबूझकर” और “सुनियोजित” प्रयास प्रतीत होता है।

बयान में छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करने, उन्हें साझा या प्रचारित नहीं करने और विश्वविद्यालय के आधिकारिक माध्यमों से दी गई जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई।

विपक्षी कांग्रेस ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा, ‘‘एलपीयू में जो हो रहा है वह बेहद चिंताजनक है। अगर छात्रों के पास किसी घटना को लेकर गंभीर सवाल या चिंताएं हैं तो उन्हें अफवाहों या दबाव के बजाय पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जवाब मिलना चाहिए। हिंसा पंजाब की विफल कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एनएच-44 सुबह से अवरुद्ध है, लेकिन आप सरकार का एक भी प्रतिनिधि छात्रों से मिलने और उनकी शिकायतें सुनने नहीं आया है।’’

भाषा जितेंद्र अमित

अमित