‘भारत मंडपम’ की तर्ज पर ‘कर्नाटक मंडपम’ बनाने पर विचार कर रही कर्नाटक सरकार: शिवकुमार

Ads

‘भारत मंडपम’ की तर्ज पर ‘कर्नाटक मंडपम’ बनाने पर विचार कर रही कर्नाटक सरकार: शिवकुमार

  •  
  • Publish Date - September 28, 2026 / 01:01 AM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 01:01 AM IST

बेंगलुरु, 27 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ की तर्ज पर ‘कर्नाटक मंडपम’ बनाने पर विचार कर रही है।

शिवकुमार ने कहा कि इसके लिए जक्कूर, मैसूर लैंप्स या एनजीईएफ परिसर को संभावित स्थलों के रूप में देखा जा रहा है।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, शिवकुमार ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर यहां पैलेस ग्राउंड्स में पहले कर्नाटक पर्यटन पुरस्कारों की शुरुआत करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और विरासत संपदा का उपयोग करके पर्यटन को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।

शिवकुमार ने कहा, “सरकार दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ की तर्ज पर जक्कूर, मैसूर लैंप्स या एनजीईएफ परिसर में, एक मेट्रो स्टेशन के पास ‘कर्नाटक मंडपम’ बनाने पर विचार कर रही है।”

उन्होंने कहा कि सरकार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति की रक्षा सुनिश्चित करते हुए कोडगु और मलनाड क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी विचार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु में दो लाख से अधिक विदेशी पासपोर्ट धारक काम कर रहे हैं और ‘व्यापार सुगमता’ व्यवस्था के माध्यम से नए होटलों को दो से तीन महीने में मंजूरी मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य ने अपनी 360 किलोमीटर लंबी तटरेखा का पूरी तरह उपयोग नहीं किया है और सरकार ने तटीय तथा मलनाड क्षेत्रों की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा का लाभ उठाने के लिए तटीय मलनाड कर्नाटक पर्यटन नीति-2026 को मंजूरी दी है।

शिवकुमार ने कहा कि सरकार तटीय विनियमन क्षेत्र नियमों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए केंद्र से सहयोग मांगेगी और इसके लिए केरल तथा गोवा की नीतियों का हवाला देगी।

भाषा अमित जितेंद्र

जितेंद्र