पंजाब के पूर्व मंत्री भुल्लर अधिकारी की आत्महत्या के मामले में पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए

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पंजाब के पूर्व मंत्री भुल्लर अधिकारी की आत्महत्या के मामले में पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 10:24 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 10:24 PM IST

चंडीगढ़, 24 मार्च (भाषा) पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को मंगलवार को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। भुल्लर को पंजाब भंडारण निगम (पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन) के एक अधिकारी की कथित आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

भुल्लर को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमृतसर की एक अदालत में पेश किया गया। हरे रंग की पगड़ी पहने भुल्लर अदालत से बाहर निकलते समय हाथ जोड़े बैठे दिखाई दिए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अदालत ने भुल्लर को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजने को मंजूरी दे दी। भुल्लर के कई समर्थक भी अदालत के बाहर मौजूद थे।

भुल्लर पर अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।

रंधावा की कथित आत्महत्या के दो दिन बाद पूर्व मंत्री को सोमवार को फतेहगढ़ साहिब जिले के मंडी गोविंदगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद भुल्लर को सोमवार शाम अमृतसर लाया गया था।

अमृतसर में ‘पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन’ के जिला प्रबंधक रंधावा ने कथित तौर पर शनिवार तड़के जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें रंधावा ने कथित तौर पर भुल्लर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। भुल्लर ने विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर उसी दिन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

अमृतसर पुलिस ने शनिवार रात भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया।

सरकारी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के एक बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को रंधावा का अंतिम संस्कार किया गया।

रंधावा कथित वीडियो में कहते दिख रहे हैं, ‘‘यार, मैंने ‘सल्फास’ खा लिया है। मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से। अब मैं नहीं बचूंगा।’’

पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने दावा किया कि उनके पति पर भुल्लर के पिता को गोदाम का टेंडर देने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा था और उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई थी।

शिकायतकर्ता ने बताया था कि भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके सहायक दिलबाग सिंह ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि अगर निविदा सुखदेव के नाम पर स्वीकृत नहीं हुई तो रंधावा और उनके परिवार को परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

प्राथमिकी के अनुसार, 13 मार्च को रंधावा को पट्टी स्थित भुल्लर के आवास पर बुलाया गया था जहां कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई।

कौर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि रंधावा को बंदूक का भय दिखाकर यह स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया कि उसने गोदाम का टेंडर किसी अन्य पार्टी को आवंटित करने के लिए 10 लाख रुपये लिए थे।

तरनतारन के पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप