प्रश्नपत्र लीक व्यवस्थागत समस्या, छात्र आंदोलन सही ढंग से संभालकर मिसाल पेश करें गैर भाजपाई दल: बोरा

प्रश्नपत्र लीक व्यवस्थागत समस्या, छात्र आंदोलन सही ढंग से संभालकर मिसाल पेश करें गैर भाजपाई दल: बोरा

प्रश्नपत्र लीक व्यवस्थागत समस्या, छात्र आंदोलन सही ढंग से संभालकर मिसाल पेश करें गैर भाजपाई दल: बोरा
Modified Date: August 11, 2026 / 08:36 pm IST
Published Date: August 11, 2026 8:36 pm IST

कोलकाता, 11 अगस्त (भाषा) ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने मंगलवार को कहा कि परीक्षा में अनियमितताएं शिक्षा व्यवस्था की खामियों से पैदा हुईं ‘व्यवस्थागत समस्या’ हैं और केवल सजा बढ़ाने से इसका समाधान नहीं किया जा सकता।

बोरा ने दिल्ली में राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ 23 दिन तक भूख हड़ताल की थी।

बोरा ने झारखंड में कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था। उन्होंने छात्र आंदोलनों से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए विपक्षी और गैर-भाजपा राजनीतिक दलों के बीच अधिक एकजुटता की भी अपील की।

उन्होंने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रश्न लीक पर प्रस्तावित कानून मुख्य रूप से परीक्षा का प्रश्न लीक होने के बाद होने वाली कार्रवाई से जुड़ा है, जबकि इससे वे बुनियादी समस्याएं दूर नहीं होंगी, जिनके कारण ऐसी घटनाएं होती हैं।

संसद ने पिछले महीने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया था। इस कानून में परीक्षा प्रश्न लीक में शामिल लोगों के लिए 5 से 10 साल तक की जेल की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

जंतर-मंतर पर कॉकरेच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में 20 जून से शुरू हुए छात्रों के प्रदर्शन के बाद यह विधेयक पेश किया गया था। यह प्रदर्शन 36 दिनों बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा अन्य मांगें स्वीकार किए जाने के बाद समाप्त हुआ था।

उन्होंने कहा, ‘अगर इस देश की शिक्षा व्यवस्था एक व्यवस्थित समस्या का सामना कर रही है तो आप केवल सजा बढ़ाने और ऐसे विधेयकों से इसका समाधान नहीं कर सकते।’ उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रस्तावित कदम वास्तव में प्रश्न लीक को रोक पाएंगे।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की पीएचडी शोधार्थी बोरा ने यह भी कहा कि अगर प्रश्न लीक मामले की जांच 11 महीने में पूरी हो भी जाएगी तो तब तक दाखिले की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी होगी।

भाषा जोहेब अमित

अमित


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