नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद ने शनिवार को दावा किया कि राहुल गांधी एक ‘डरपोक’ और असुरक्षित नेता हैं तथा वह उन्हीं लोगों को आगे बढ़ाते हैं जो उनके गुण गाते हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी महासचिव रह चुके अहमद ने पिछले साल नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस छोड़ दी थी। वह तीन बार विधायक और दो बार सांसद भी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उन वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में खुद को असहज महसूस करते हैं, जिनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा है और इसलिए वह केवल उन लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिनका कोई आधार नहीं है।
अहमद ने राहुल को ‘‘अधिनायकवादी’’ और ‘‘गैर-लोकतांत्रिक’’ करार देते हुए दावा किया कि वह कांग्रेस में वरिष्ठ सहयोगियों की बात नहीं सुनते हैं और इस बात को लेकर आश्वस्त लगते हैं कि कांग्रेस अपनी राष्ट्रीय उपस्थिति के कारण नंबर दो की स्थिति से नीचे नहीं जा सकती।
उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी की हार का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वह अपने रवैये के कारण अपने पूर्वजों और परिवार के रसूख वाली सीट भी नहीं जीत सके।
अहमद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘जहां पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजीव गांधी की कांग्रेस और नरसिंह राव तथा सीताराम केसरी की कांग्रेस को अपनी कांग्रेस में समाहित कर लिया, वहीं राहुल गांधी, सोनिया गांधी की कांग्रेस को भी अपनी कांग्रेस बनाने में विफल रहे।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘राहुल गांधी एक डरपोक और असुरक्षित व्यक्ति हैं… वह ऐसे किसी भी व्यक्ति के साथ असहज हैं और इसलिए अधिनायकवादी हैं और लोकतांत्रिक नहीं हैं।’’
अहमद की टिप्पणी पर भाजपा ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को बेनकाब कर दिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘‘राहुल सबसे तानाशाह व्यक्ति हैं और उनकी वही ‘आपातकाल-मानसिकता’ है जो इंदिरा गांधी की थी।’’
भाषा हक जितेंद्र सुरेश
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