राहुल को निराधार आरोप लगाने, सदन का दुरूपयोग करने के लिए माफी मांगनी चाहिए : पीयूष गोयल
राहुल को निराधार आरोप लगाने, सदन का दुरूपयोग करने के लिए माफी मांगनी चाहिए : पीयूष गोयल
नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी के आरोपों को बुधवार को ‘‘निराधार’’ और ‘‘झूठा’’ करार देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ‘‘हताश’’ हैं, क्योंकि छात्रों ने उन्हें ‘‘नकार दिया’’ है।
संसद भवन परिसर में संवाददाताओं के साथ बातचीत में, गोयल ने राहुल के उन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही, जो कांग्रेस नेता ने प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून में संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान लगाए थे।
गोयल ने कहा, ‘‘यह कुछ और नहीं, बल्कि झूठ का पुलिंदा है… उन्हें इससे बचकर नहीं निकलने दिया जाना चाहिए। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। यह सदन का घोर दुरुपयोग है।’’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने बुधवार को आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की अनुमति दी थी और भाजपा के वैचारिक संगठन ने शिक्षा व्यवस्था पर ‘‘कब्जा’’ कर लिया है। उनके इस बयान को लेकर सदन में हंगामा हुआ।
राहुल गांधी ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई के संदर्भ में यह आरोप लगाया था।
गोयल ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘कोई गोलीबारी नहीं हुई थी। राहुल गांधी इस तरह के झूठे आरोप कैसे लगा सकते हैं? उन्हें सदन और देश से माफी मांगनी चाहिए।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘नेता प्रतिपक्ष ने सदन में ऐसे निराधार और झूठे बयान दिए। जब कोई गोलीबारी हुई ही नहीं, तब भी संसद में ऐसे आरोप लगाए गए। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।’’
गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने करीब एक घंटे के अपने भाषण में प्रश्नपत्र लीक रोधी विधेयक पर कुछ नहीं बोला। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि राहुल गांधी के पास कहने के लिए कुछ नहीं था। उन्होंने लगभग एक घंटे तक विधेयक के संबंध में एक भी बात नहीं कही। उनका पूरा भाषण झूठ का पुलिंदा था।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘राहुल गांधी का बयान उनकी ‘‘हताशा’’ को दर्शाता है। सरकार ने छात्रों की चिंताओं को संवेदनशीलता के साथ सुना और उनका समाधान किया। उनकी हताशा इसलिए भी है कि छात्रों ने उन्हें खारिज कर दिया।’’
गोयल ने छात्रों पर गोली चलाने संबंधी राहुल के आरोप को खारिज करते हुए कांग्रेस नेता से माफी की मांग की।
मंत्री ने कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए ‘‘बेबुनियाद’’ आरोपों पर कार्रवाई की भी मांग की और उन पर सदन का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘झूठे आरोप लगाने के लिए सदन जो भी कार्रवाई उचित समझे, वह की जानी चाहिए। झूठ के आधार पर ऐसे बयान नहीं दिए जा सकते।’’
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस लगातार मिल रही चुनावी हार से हताश है और जनता के फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रही है।
गोयल ने कहा, ‘‘लोग उन्हें बार-बार नकार रहे हैं, लेकिन वे यह नहीं समझ पा रहे हैं कि जनता उनसे नाराज है। हर हार के बाद वे और अधिक हताश हो जाते हैं। उनके पास झूठ और धोखे के अलावा कुछ भी नहीं है।’’
सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कामकाज को लेकर राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए गोयल ने कहा कि शिक्षा विभाग नियमों के तहत काम करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है। शिक्षा मंत्रालय नियमों के अनुसार काम करता है। शिक्षा विभाग की अपनी व्यवस्थाएं हैं और अधिकारी उसके कार्यान्वयन की देखरेख करते हैं। हमारी सरकार देश में सुशासन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर निशाना साधते हुए गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी शासन-व्यवस्था को राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के नजरिए से देखती है।
भाषा सुभाष वैभव
वैभव

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