नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को निर्देश दिया है कि 1,228 फाटकों पर स्वचालित ‘क्लोजर’ प्रणाली लगाने के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि जब तक सड़क यातायात के लिए गेट पूरी तरह बंद न हो, तब तक किसी ट्रेन को वहां से गुजरने की अनुमति नहीं मिल सके।
यह स्वचालित प्रणाली समपार फाटकों के ‘इंटरलॉकिंग’ का हिस्सा है। इसके तहत ट्रेन के आने पर समपार फाटक सड़क यातायात के लिए स्वत: बंद हो जाता है या यदि गेट खुला रह जाए तो ट्रेन को ठहरने का सिग्नल दिया जाता है।
यह कदम आठ जुलाई 2025 को तमिलनाडु के कुड्डालोर में एक यात्री ट्रेन और स्कूल वैन की टक्कर के बाद उठाया गया, जिसमें कथित रूप से गेटकीपर की लापरवाही के कारण तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उच्च यातायात घनत्व वाले समपार फाटकों पर ‘इंटरलॉकिंग’ प्रणाली लगाने के निर्देश दिए थे।
अधिकारियों के अनुसार रेलवे बोर्ड ने 16 जोन में उच्च यातायात घनत्व वाले 1,228 समपार फाटकों की पहचान कर वहां ‘इंटरलॉकिंग’ प्रणाली लगाने के निर्देश दिए हैं।
हालिया निर्देश में बोर्ड ने सभी जोन से कार्य में तेजी लाने और कार्यान्वयन जल्द पूरा करने को कहा है।
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