नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) रेलवे बोर्ड ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की उस रिपोर्ट पर सभी जोन से विस्तृत जवाब मांगा है, जिसमें ट्रेन में साफ-सफाई संबंधी कई कमियों का जिक्र किया गया है।
अगस्त 2025 में संसद में पेश ‘भारतीय रेलवे में लंबी दूरी की ट्रेन में स्वच्छता’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में न सिर्फ ट्रेन में साफ-सफाई की खराब स्थिति को उजागर किया गया है, बल्कि कई मुद्दों पर रेलवे की ओर से दिए गए जवाब पर असंतोष भी जताया गया है। यह रिपोर्ट वित्त वर्ष 2018-19 से लेकर 2022-23 तक की अवधि से संबंधित थी।
कैग ने ‘क्लीन ट्रेन स्टेशन’ (सीटीएस) और ‘ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस’ (ओबीएचएस) सहित साफ-सफाई संबंधी अन्य योजनाओं के प्रभावी रूप से लागू होने के जोनल रेलवे के दावों की पुष्टि के लिए रेलवे बोर्ड से विस्तृत प्रमाण और आंकड़े मांगे थे।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधन को भेजे हालिया पत्र में कहा, “इस संबंध में अनुरोध है कि ऑडिट में सामने आई बातों पर टिप्पणियां/जानकारियां जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएं…।”
इस पत्र के साथ विभिन्न जोन से प्राप्त रेल मंत्रालय के ‘कार्रवाई नोट’ पर कैग रिपोर्ट में की गई टिप्पणियां संलग्न हैं।
भाषा पारुल नरेश
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