पल्लकड़, 27 अगस्त (भाषा) केरलम में कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) रेलवे बोर्ड के उस फैसले के खिलाफ अपना आंदोलन नयी दिल्ली तक ले जाएगा जिसमें एक अक्टूबर से मंगलुरु क्षेत्र को पल्लकड़ डिवीजन से हटाकर मैसूरु डिवीजन में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। कांग्रेस सांसद वी. के. श्रीकंडन ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
श्रीकंडन ने कहा कि केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय को यह फैसला वापस लेना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा इसे पूरे राज्य और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक फैलाया जाएगा।
उन्होंने यहां एक टेलीविजन चैनल से कहा, “आंदोलन को पूरे केरलम में फैलाया जाएगा। हम इस विरोध प्रदर्शन को दिल्ली में रेल मंत्रालय के सामने ले जाने पर भी विचार कर रहे हैं।”
उन्होंने इस फैसले को केरलम में रेलवे के विकास में बाधा डालने वाला कदम बताया और कहा कि राज्य इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगा, जिसे उन्होंने “लोकतंत्र विरोधी कार्रवाई” करार दिया।
उन्होंने कहा, “यह केरलम में रेलवे के विकास को कमजोर करने की कोशिश है। इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिए। केरलम इस लोकतंत्र विरोधी कार्रवाई को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।”
श्रीकंडन ने यह भी आरोप लगाया कि आगामी चुनावों से पहले कर्नाटक की एक लॉबी को खुश करने के लिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि रेलवे के पास ऐसा कदम उठाने का कोई ठोस कारण नहीं था।
उन्होंने कहा, “हम इस आंदोलन को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाएंगे और जनता का समर्थन मांगेंगे।”
उनका यह बयान यूडीएफ नेताओं द्वारा एक दिन पहले यहां पलक्कड डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) कार्यालय के सामने दिनभर की भूख हड़ताल किए जाने के बाद आया। नेताओं ने उल्लाल समेत मंगलुरु क्षेत्र को मैसूरु डिवीजन में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के विरोध में यह प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में सांसदों और राज्य के मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया।
केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस फैसले पर रोक लगाने और राज्य सरकार तथा अन्य संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था।
मोदी को लिखे पत्र में सतीशन ने कहा कि इस फैसले को लेकर केरलम में गंभीर चिंता पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से पहले कोई सलाह-मशविरा किए बिना यह फैसला लिया गया, जबकि इसका रेलवे के बुनियादी ढांचे और विकास पर, खासकर उत्तर केरलम में, दूरगामी और महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि मंगलुरु दशकों से पलक्कड डिवीजन का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित स्थानांतरण के बाद मंगलुरु सेंट्रल और मंगलुरु जंक्शन पलक्कड डिवीजन से बाहर हो जाएंगे। इसके अलावा, पनंबूर समेत मंगलुरु बंदरगाह क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण रेलवे बुनियादी ढांचे पर भी इसका असर पड़ेगा।
भाषा तान्या नरेश
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