नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में बारिश की कमी घटकर 12 प्रतिशत रह गई है और जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अल नीनो की स्थिति का मतलब हमेशा सामान्य से कम वर्षा होना नहीं होता।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बताया कि खरीफ फसल के लिए मौसम की स्थिति तथा अल नीनो का अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में तैयारियों की समीक्षा और स्थिति का आकलन किया गया।
बैठक की शुरुआत में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों ने जून से सात जुलाई तक की वर्षा की स्थिति प्रस्तुत की। आईएमडी के महानिदेशक ने देश में मानसून की प्रगति और अल नीनो के संभावित प्रभाव की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून के आगमन में लगभग 10 दिन की देरी हुई थी।
पीएमओ ने एक बयान में कहा, ‘‘हालांकि, सात जुलाई तक हुई वर्षा के बाद पूरे देश में वर्षा की कमी घटकर 12 प्रतिशत रह गई है। जुलाई के पहले सप्ताह में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जुलाई और अगस्त के दौरान कमजोर से मध्यम स्तर का अल नीनो रहने की संभावना है।’’
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गोला सुभाष
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