जयपुर, 29 मार्च (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को राज्य के नव नियुक्त सिविल सेवकों से संवाद किया और कहा कि मेहनत से व्यक्ति पद प्राप्त करता है, लेकिन सेवा भाव ही उसे जनता के दिलों में स्थायी स्थान दिलाता है।
यहां बिरला सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रश्न पत्र लीक होने से रोकने के कदम उठाए हैं और भर्ती परीक्षा कैलेंडर लागू किया है ताकि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और पूर्वानुमान सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने के बजाय नौकरी देने वाला बनने के लिए विभिन्न नीतियों और योजनाओं से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त अधिकारियों को सुशासन की शपथ दिलाई और नागरिकों के प्रति समर्पण, ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
बाद में शर्मा ने संत संसद कार्यक्रम में कहा कि संतों ने सदैव समाज कल्याण और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया है और उनका मार्गदर्शन व्यक्ति को सार्थक जीवन जीने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य द्वारा संचालित मंदिरों में वर्षभर उत्सवों के लिए वित्तीय स्वीकृतियां दी गई हैं और पुजारियों का मानदेय भी बढ़ाया गया है। खाटू श्यामजी मंदिर, पुष्कर और पूंछरी का लौठा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए रूपरेखा तैयार की गयी है।
मुख्यमंत्री ने गौ संरक्षण के उपायों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि गोशालाओं को वित्तीय सहायता दी जा रही है, जिसमें गायों के चारे के लिए प्रतिदिन 50 रुपये और बछड़ों के लिए 25 रुपये दिए जा रहे हैं, साथ ही शेड, पानी और चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध करायर जा रही हैं।
कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक कुलदीप धनकड़ और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ बड़ी संख्या में संत और साधु उपस्थित रहे।
भाषा बाकोलिया
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