जयपुर, 27 जून (भाषा) राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व अन्य नेताओं ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेताओं पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जूली ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चंदे से जुड़ी कथित अनियमितता, उज्जैन में कथित जमीन घोटाले और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी से जुड़ी सब्सिडी संबंधी कथित अनियमितता जैसी घटनाएं दर्शाती हैं कि भाजपा शासित राज्यों में भ्रष्टाचार सत्ता की संरक्षित व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है।
जूली के अनुसार,‘‘पहले भाजपा नेताओं द्वारा प्रभु श्रीराम के मंदिर में चंदा चोरी, फिर महाकाल की नगरी में मुख्यमंत्री द्वारा ‘शातिर भूमि घोटाला’ और अब केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री भागीरथ चौधरी द्वारा खीरा सब्सिडी में ‘महाघोटाला’ की घटनाएं बताती हैं कि भाजपा शासित राज्यों में भ्रष्टाचार अब अपवाद नहीं, बल्कि सत्ता की संरक्षित व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है।’’
उन्होंने आरोप लगाया,‘‘राजस्थान से लेकर पूरे देश में भाजपा नेताओं के रोज़ नए चेहरे बेनकाब हो रहे हैं, लेकिन खेल एक ही है-सत्ता के संरक्षण में लूट, भ्रष्टाचार और वसूली।’’
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ वाले बयान का हवाला देते हुए कहा कि ‘वे आज अपनी ही पार्टी के नेताओं पर लगे गंभीर आरोपों पर पूरी तरह मौन क्यों हैं? क्या यह मौन भ्रष्टाचार की स्वीकृति और संरक्षण का प्रमाण नहीं है?’
वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, ‘‘मोदी सरकार में लूट मची है… मंदिरों में चंदे की लूट, जमीनें कौड़ियों में लेने की लूट, किसानों की सरकारी सब्सिडी हथियाने की लूट.. क्या लूट मची है।’’
डोटासरा के अनुसार,‘‘देश जवाब चाहता है। क्या केंद्र सरकार इस मामले में पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच कराएगी?’’
भाषा पृथ्वी संतोष
संतोष