राजस्थान : मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद डकैत जगन गुर्जर के परिजनों ने किया धरना समाप्त

राजस्थान : मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद डकैत जगन गुर्जर के परिजनों ने किया धरना समाप्त

राजस्थान : मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद डकैत जगन गुर्जर के परिजनों ने किया धरना समाप्त
Modified Date: June 30, 2026 / 09:36 pm IST
Published Date: June 30, 2026 9:36 pm IST

जयपुर, 30 जून (भाषा) कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के बाद उसके परिजनों ने विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर धरना दिया। उनकी मांगों में जगन के भाई को अजमेर की उच्च सुरक्षा जेल से भरतपुर या धौलपुर जेल स्थानांतरित करना, परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराना और हत्या के मामले की सीबीआई जांच कराना शामिल था।

बाद में प्रशासन द्वारा अधिकांश मांगों पर आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। गतिरोध खत्म होने के बाद शव का पोस्टमार्टम शुरू किया गया।

परिजन सुबह से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने शव लेने से इनकार करते हुए हत्या की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

परिजनों ने जगन गुर्जर के तीनों भाइयों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति देने तथा अजमेर की उच्च सुरक्षा जेल में बंद उसके एक भाई को सुरक्षा कारणों से धौलपुर या भरतपुर जेल स्थानांतरित करने की भी मांग की।

अधिकारियों और परिजनों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद देर शाम धरना समाप्त कर दिया गया।

परिजनों ने कहा कि उन्हें सरकार पर भरोसा है और उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने विरोध समाप्त कर दिया।

जगन गुर्जर के एक रिश्तेदार ने अजमेर में संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने जगन के भाई को उच्च सुरक्षा जेल से धौलपुर या भरतपुर जेल स्थानांतरित करने, उसके तीन भाइयों (एक अजमेर और दो धौलपुर जेल में बंद) को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति देने तथा जगन गुर्जर के बेटे को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की ओर से अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यदि आने वाले दिनों में परिजन पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं होते हैं तो सरकार मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग पर विचार करेगी।

उन्होंने बताया कि जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार बुधवार को धौलपुर स्थित उसके पैतृक गांव में किया जाएगा।

इससे पहले दिन में जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने आरोप लगाया कि जेल के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। उसने यह भी सवाल उठाया कि दिन में दोनों बंदियों के बीच कथित विवाद होने के बावजूद उसके पिता और आरोपी बंदी को एक ही बैरक में क्यों रखा गया।

गौरतलब है कि सोमवार को अजमेर की उच्च सुरक्षा जेल के भीतर जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, साथी बंदी विष्णु ने बैरक के अंदर तौलिये से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

भाषा बाकोलिया

अमित

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