राजस्थान: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने स्कॉलरशिप योजना को लेकर भाजपा सरकार पर साधा निशाना

राजस्थान: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने स्कॉलरशिप योजना को लेकर भाजपा सरकार पर साधा निशाना

राजस्थान: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने स्कॉलरशिप योजना को लेकर भाजपा सरकार पर साधा निशाना
Modified Date: August 22, 2025 / 07:22 pm IST
Published Date: August 22, 2025 7:22 pm IST

जयपुर, 22 अगस्त (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विदेश में पढ़ाई करने वाले बच्चों की स्कॉलरशिप योजना को लेकर शुक्रवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या भाजपा सरकार राजस्थान के विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के विरोध में है।

उन्होंने इस योजना से लाभान्वित होने वाले विद्यार्थियों की संख्या घटने पर सवाल उठाते हुए ‘एक्स’ पर कहा, “हमारी कांग्रेस सरकार ने राजस्थान के बच्चों को विदेश में शिक्षा लेने में कोई आर्थिक परेशानी न हो इसलिए 500 विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के लिए ‘राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस’ शुरू की थी। भाजपा सरकार ने इस योजना का न सिर्फ नाम बदला बल्कि इसे खत्म करने का प्रयास किया।”

गहलोत ने कहा कि कई महीनों तक विदेश में पढ़ रहे बच्चों की स्कॉलरशिप की किश्त तक जारी नहीं की गई।

उन्होंने कहा, “पहले सरकार कहती रही कि विद्यार्थी दाखिला ले लें, बाद में उन्हें स्कॉलरशिप जारी कर दी जाएगी। अब इस योजना में विदेश में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 500 से कम कर केवल 150 कर दी गयी है।”

गहलोत के अनुसार, “भाजपा सरकार क्यों राजस्थान के विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के विरोध में है?”

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस मुद्दे को उठाया।

उन्होंने कहा कि विवेकानन्द स्कॉलरशिप (राजीव गांधी एकेडमिक एक्सीलेंस स्कॉलरशिप) की अधिसूचना आते ही उजागर हो गया कि भाजपा सरकार इतनी देरी क्यों कर रही थी।

जूली ने कहा कि राजस्थान के विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी इस योजना में विदेश जाकर शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या को 500 से घटाकर 150 कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में भाजपा सरकार ने छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं की और इस बार विद्यार्थियों की संख्या घटा दी।

जूली ने कहा, “भाजपा सरकार ऐसा क्यों चाहती है कि गरीब, मध्यम वर्गीय परिवारों को बच्चे बेहतर शिक्षा से दूर रहें? हर महीने मंत्रियों के आवास पर रात्रिभोज के नाम पर लाखों खर्च करने वाली भाजपा सरकार विद्यार्थियों के हक को क्यों खाना चाहती है?”

भाषा पृथ्वी जितेंद्र

जितेंद्र


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