Rajasthan Prince Murder Case: पुलिस करेगी इस नेशनल हाइवे की खुदाई!.. 6 साल पहले हुआ था कुछ बड़ा कांड, अब जाकर हुआ सनसनीखेज खुलासा

Ads

Rajasthan Prince Murder Case: दौसा में 6 साल बाद प्रिंस हत्याकांड का खुलासा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के नीचे जीपीआर से तलाश जारी।

  •  
  • Publish Date - February 28, 2026 / 05:15 PM IST,
    Updated On - February 28, 2026 / 05:29 PM IST

Rajasthan Prince Murder Case || Image- Sachin Gupta File

HIGHLIGHTS
  • 6 साल बाद हत्या का खुलासा
  • एक्सप्रेसवे के नीचे दफन आशंका
  • जीपीआर मशीन से खोजबीन जारी

दौसा: राजस्थान के दौसा जिले में 16 अप्रैल 2020 को 4 साल का प्रिंस उर्फ टिल्लू अचानक लापता हो गया था। (Rajasthan Prince Murder Case) उस समय परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अब छह साल बाद इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

कभी था पीपल पेड़, अब बन गया हाइवे

जानकारी के मुताबिक, उसी दिन उसके चचेरे भाई–बहनों ने उसकी हत्या कर दी थी और शव को एक पीपल के पेड़ के पास दबा दिया था। समय बीतने के साथ उस इलाके का भूगोल पूरी तरह बदल गया। जहां कभी पीपल का पेड़ था, वहां अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे बन चुका है। हर मिनट सैकड़ों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। पेड़ हट जाने के कारण शव दबाए जाने की सटीक लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो गया है।

जीपीआर मशीन की मदद से खोजबीन

दौसा पुलिस पिछले 9 दिनों से लगातार लाश की तलाश में जुटी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एनएचएआई से ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन मंगाई है, ताकि जमीन के अंदर की जांच की जा सके। (Rajasthan Prince Murder Case) जीपीआर मशीन के जरिए जमीन के अंदर 3D स्कैनिंग की गई, जिसमें करीब 15 फीट नीचे कुछ संदिग्ध संरचना दिखाई दी है। आशंका जताई जा रही है कि यह कंकाल हो सकता है। अब एक्सप्रेस वे के उस हिस्से को खोदने की तैयारी की जा रही है।

इन्हें भी पढ़ें:-

New Rules 1st March 2026: 1 मार्च से सुबह-सुबह बदल जाएंगे LPG और ट्रेन टिकट के रूल, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर!  

Q1. प्रिंस उर्फ टिल्लू कब लापता हुआ था?

वह 16 अप्रैल 2020 को दौसा जिले से लापता हुआ था।

Q2. पुलिस किस तकनीक से तलाश कर रही है?

ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन से जमीन के नीचे स्कैनिंग की जा रही है।

Q3. शव कहां दबाए जाने की आशंका है?

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के नीचे पूर्व पीपल पेड़ वाली जगह पर।