राजस्थान : दुर्लभ कैराकल की हत्या कर शव जलाया, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान : दुर्लभ कैराकल की हत्या कर शव जलाया, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान : दुर्लभ कैराकल की हत्या कर शव जलाया, तीन आरोपी गिरफ्तार
Modified Date: March 17, 2026 / 12:13 am IST
Published Date: March 17, 2026 12:13 am IST

जयपुर, 16 मार्च (भाषा) राजस्थान के सीमावर्ती जैसलमेर जिले में कैराकल यानी दुर्लभ जंगली बिल्ली को मारकर उसे जलाने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया।

इसके बाद वन विभाग हरकत में आया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मौके से कैराकल का अधजला शव बरामद किया है।

वन विभाग के अनुसार यह घटना भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे शाहगढ़ क्षेत्र की है। जहां दो दिन पहले कैराकल को मारकर लकड़ियों के ढेर पर रखकर जला दिया गया था।

मृत दुर्लभ वन्यजीव कैराकल बिल्ली के वीडियो वायरल होने की घटना को उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने गंभीरता से लेते हुए सहायक वन संरक्षक मुख्यालय जैसलमेर दिलीप सिंह राठौड़ के निर्देशन में टीम का गठन किया। क्षेत्रीय वन अधिकारी सम लक्ष्मणसिंह भाटी और क्षेत्रीय वन अधिकारी जैसलमेर पूनम सिंह के नेतृत्व में जांच प्रारम्भ की गई। जांच में घटनास्थल व आरोपियों की पहचान की गई।

उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहगढ़ निवासी इब्राहिम खान (32), उमा (31) और सलिदाद (50) के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया है, जिसका उपयोग घटना के दौरान किया गया था।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दो दिन पहले किसी जंगली जानवर ने उनके करीब 50 मवेशियों को मार दिया था। इस वजह से उन्होंने उस जानवर के पैरों के निशान का पीछा करना शुरू किया।

उप वन संरक्षक ने बताया कि आरोपियों के अनुसार जब उन्हें जंगली बिल्ली दिखाई दी तो वे उसके पीछे दौड़ पड़े। आरोपियों का कहना है कि लगातार पीछा करने के दौरान बिल्ली भागते-भागते खुद ही मर गई। हालांकि वन विभाग इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कैराकल की मौत वास्तव में किस परिस्थिति में हुई।

भाषा

बाकोलिया

रवि कांत


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