राजस्थान: गहन निरीक्षण अभियान के तहत एक लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई
राजस्थान: गहन निरीक्षण अभियान के तहत एक लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई
जयपुर, 16 जुलाई (भाषा) राजस्थान में प्रत्येक गर्भवती महिला को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए पांच दिवसीय राज्यव्यापी गहन निरीक्षण अभियान के पहले दो दिनों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने एक लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड की समीक्षा की है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
यह अभियान हाल ही में कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा के अस्पतालों में हुई मातृ मृत्यु की घटनाओं के बाद शुरू किया गया है।
प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने बताया कि अभियान के तहत 1,06,264 गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई, जिनमें 15,504 उच्च जोखिम गर्भधारण के मामलों की विस्तृत जांच शामिल है।
उन्होंने बताया कि मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए राज्य में 6,794 गर्भवती महिलाओं का ‘रीयल-टाइम’ सत्यापन भी किया गया।
राठौड़ ने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी तथा आशा पर्यवेक्षकों समेत विभिन्न अधिकारी जिला, ब्लॉक और फील्ड स्तर पर इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह अभियान गांवों और दूरदराज के इलाकों में तैनात 10,049 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ), 22,355 सहायक नर्स दाइयों (एएनएम) और 54,431 आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से जारी है।
अधिकारी के अनुसार, अभियान के पहले दो दिन में 3,808 स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया गया।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, प्रसवपूर्व देखभाल, रिकॉर्ड संधारण तथा समग्र सेवा उपलब्धता की समीक्षा की गई और जहां भी कमियां पाई गईं, वहां सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
राठौड़ ने कहा, “अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला का शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व पंजीकरण सुनिश्चित करना, प्रत्येक गर्भवती की कम से कम चार प्रसवपूर्व जांच कराना, उच्च जोखिम वाले गर्भधारण की समय पर पहचान और नियमित निगरानी, प्रभावी रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है।”
भाषा बाकोलिया पारुल जोहेब
जोहेब

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