जयपुर, 28 सितंबर (भाषा) राजस्थान के टेराकोटा और दृश्य कला के कलाकार चंद्रशेखर सैन को 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी (2026) में ललित कला अकादमी के राष्ट्रीय अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है।
एक बयान के अनुसार, सैन को उनके टेराकोटा कार्य ‘माय एंटायर वर्ल्ड–प्रथम’ के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा। इस वर्ष वह राजस्थान से एकमात्र कलाकार हैं जिन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।
मुख्य रूप से टेराकोटा माध्यम में काम करने वाले सैन राजस्थान की लोक और पुरातात्विक परंपराओं, खासकर कालीबंगा और मोलेला से प्रेरणा लेते हैं। उनकी कलाकृतियों में प्रकृति, जैविक आकृतियां, पक्षी, जानवर और पेड़ जैसे विषय प्रमुखता से उभरते हैं।
सैन को 2014 में राजस्थान ललित कला अकादमी का राज्य कला पुरस्कार मिल चुका है। उन्होंने देशभर में 10 से अधिक एकल प्रदर्शनियां आयोजित की हैं और ललित कला अकादमी की राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भी हिस्सा लिया है।
बयान के अनुसार, उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के माध्यम से स्पेन के वलाडोलिड स्थित ‘कासा दे ला इंडिया’ में अपनी कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाने के साथ व्याख्यान भी दिया है।
भाषा बाकोलिया मनीषा खारी
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